व्हाट्सएप के फैमिली ग्रुप में आपको मिलेंगे ये 9 तरह के नमूने

1:49 pm 21 Jun, 2018

व्हाट्सएप एक ऐसा टॉनिक है जिसे देखे बिना लोगों को चैन नहीं पड़ता। आंटी हों या अंकल, लड़के हो या लड़कियां, हर किसी की उंगली हमेशा व्हाट्सएप पर चैट करने में बिज़ी रहती है। कुछ लोगों की तो सुबह व्हाट्सएप पर गुड मॉर्निंग से और रात व्हाट्सएप पर ही गुडनाइट मैसेज करके होती है। गलती से किसी दिन फोन का नेटपैक खत्म हो जाए और व्हाट्सएप बंद पर जाए तो लगता है, मानो इन्हें बुखार आ गया हो। जैसे रोगी डॉक्टर के पास भागता है, ये लोग फोन रिजार्च वाले के यहां भागते हैं और तुंरत अपने नेटपैक एक्टिव करवाते हैं।

व्हाट्सएप पर आपके ढेर सारे ग्रुप होंगे, स्कूल-कॉलेज से लेकर ऑफिस और दोस्तों का अलग ग्रुप, मगर एक और ग्रुप होगा जो बहुत खास है और वो है परिवार का ग्रुप। आप लोग असल में भले न मिले, मगर व्हाट्सएप पर हर रोज़ अपने अंकल-आटी से ज़रूर मिलते होंगे। चलिए आपको बताते हैं कि फैमिली यानी इस पारिवारिक ग्रुप में किस तरह के नमूने रिश्तेदार होते हैं।

 

फालतू जोक मारने वाले अंकल

 

हर पारिवारिक ग्रुप में बाकी लोगों के साथ ही एक अंकल ऐसे होते हैं, जिन्हें बिना बात के जो मारने की आदत होती हैं और अपने जोक्स पर ये खुद ही हंसते हैं, बाकि लोग तो बस स्माइली भेजकर शांत हो जाते हैं।

 

 

गुड मॉर्निंग बोलने वाले चाचा जी

 

सुबह हुई नहीं कि ये चाचा जी परिवार के हर सदस्य के नाम से गुड मॉर्निंग मैसेज छाप देते हैं। सुबह से लेकर दोपहर तक ये सबको सुप्रभात ही कहते रहते हैं। इनके सुप्रभात मैसेज से बाकी लोगों की फोन की मेमरी जल्दी ही फुल हो जाती है।

 

 

फॉरवर्ड करने में आगे रहती है आंटी

 

कोई मैसेज आया नहीं कि आंटी झट से उसे पारिवारिक ग्रुप में भेज देंगी, साथ ही ये लिखना भी नहीं भूलती कि ये मार्केट में नया आया है। इसके अलावा फलां मैसेज 10 ग्रुप में भेजो तो भगवान का आशीर्वाद मिलेगा, जैसे मैसेज भेज-भेजकर ये आंटी सबको बोर करती रहती हैं।

 

 

सेल्फी क्वीन

 

हर ग्रुप में एक तो ऐसी खूबसूरत लड़की होती ही है, जिसे सेल्फी का कीड़ा काटा रहता है। ऑटो में जाने से लेकर सीढ़ी पर चढ़ने तक की सेल्फी ये लड़की ग्रुप में भेजकर सबके फोन की मेमरी भरती रहती है। कुछ लोग तो बिना देखे ही नाइस का कमेंट भी कर देते हैं।

 

 

गपशप में बिज़ी आंटी




 

गॉपिस करने में महिलाएं हमेशा ही आगे रहती हैं और ये सिर्फ आमने-सामने मिलने पर ही नहीं, बल्कि व्हाट्सएप पर भी शुरू हो जाती हैं। किसकी लड़की का किस लड़के के साथ अफेयर है या पड़ोसी के घर कौन आया तक की सारी इन्फॉर्मेशन ये आंटी ग्रुप में भेजती रहती हैं, भले ही किसी की इसमें दिलचस्पी हो या न हो।

 

 

खड़ूस ताऊ

 

जैसे हर फिल्म में एक ख़़डूस कैरेक्टर होता है वैसे ही फैमिली ग्रुप में ही एक ऐस खड़ूस सदस्य होता है जो कुछ भी उल्टे-सीधे मैसेज भेजने पर सबकी खटिया खड़ी कर देता है।

 

 

बेचारे दामाद जी

 

घर में दामाद की बहुत इज्ज़त होती है और वो इज्जत बनाए रखने के लिए दामाद भी अक्सर ससुराल वालों से कम ही बात करते हैं ,ऐसे में बीवी के कहने पर वो व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़ तो जाते हैं, मगर कुछ पोस्ट नहीं करतें। हां कभी -कभीर कुछ प्रतिक्रिया दे देते हैं।

 

 

बेचारा एडमिन

 

किसी भी व्हाट्सएप ग्रुप में एडमिन की बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी होती है, यदि को सदस्य नाराज हो गया तो उसे मनाने का ज़िम्मा एडमिन का ही होता है। इसलिए बहुत सोच-समझकर एडमिन बनाया जाता है। एडमिन की स्थिति कुछ वैसे ही होती है जैसे किसी कंपनी में एचआर की।

 

 

सोया भाई

 

जहां कुछ लोग ग्रुप में ज़रूरत से ज़्यादा एक्टिव रहते हैं और दिन भर में 10 मैसेज तो भेज ही देते हैं। वहीं, कुछ ऐसे भी होते हैं जो अचानक नींद से जगकर पूछते हैं किस बात पर बहस हो रही है भई। दरअसल, ये फैमिली ग्रुप को ज़्यादा अहमियत नहीं देते और कभी-कभार बस नाम के लिए देख लेते हैं।