यह महिला हर दिन ‘मौत के कुएं’ में लड़ती है जिंदगी की जंग

7:25 pm 21 Jun, 2018

90 के दशक में आई फिल्म ‘बेटा’ में आपने अनिल कपूर को एक स्टंट करते देखा होगा। फिल्म के एक सीन में वो ‘मौत के कुएं’ में गाड़ी चलाते हुए नजर आए थे। जिन्होंने फिल्म में ये स्टंट देखा है वो ये बात बखूबी समझते होंगे कि असल जिंदगी में ये खेल कितना खतरनाक होगा। इस खेल को ‘मौत का कुंआ’ इसीलिए कहा जाता है, क्योंकि इस हैरतंगेज  खेल को करने वाले जान हथेली पर लेके कुएं के अंदर जाते हैं। वैसे तो इस स्टंट को ज्यादातर पुरुष ही करते हैं, लेकिन देश में कुछ महिलाएं भी है जो रूह कंपा देने  वाले इस खेल का हिस्सा बनती हैं।

 

राधा देश की उनही चुनिंदा महिलाओं में से हैं जो बीते कई सालों से ये खतरनाक खेल खेल रही है। जान हथेली पर लेकर जब राधा ‘मौत के कुएं’ पास पहुंचती हैं तो उन्हें देखकर इस बात का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है कि वो ये स्टंट कर पाएंगी, लेकिन गाड़ी के रफ्तार पकड़ते ही वहां तालियों की गड़गड़ाहट गूंजने लगती हैं।

 

70 से 80 किलोमीटर की रफ्तार पर कुंए की दीवार पर इस महिला को गाड़ी चलाते देखना वाकई एक अदभुत नजारा होता है। जितनी सफाई से राधा मौत की दीवार पर गाड़ी चलाती हैं उतनी सफाई से तो आप सीधी सड़क पर चल भी नहीं सकते।

 




दीवार पर चल रही गाड़ी से बाहर आ जाना और तेज रफ्तार बाइक पर हाथ छोड़ देना राधा के लिए बाएं हाथ का खेल है। उनको इस तरह स्टंट करते देख लोगों की सांसे थम जाती हैं। इस खेल में गलती की कोई गुंजाइश नहीं, आपकी एक छोटी सी भूल आपको हमेशा हमेशा के लिए मौत के मुंह में धकेल सकती है, और इस बात को राधा बखूबी समझती भी हैं। लेकिन जिंदगी की जंग लड़ने के लिए उन्हें मौत के कुएं में आना ही पड़ता है।

 

 

इस खतरनाक खेल को राधा पिछले 20 साल से खेल रही हैं। महज 13 साल की उम्र में उन्होंने इस खतरनाक पेशे को चुना था। इतनी छोटी उम्र में उनका जज्बा देख मां-बाप ने भी उन्हें इस खेल का हिस्सा बनने से नहीं रोका। शुरुआत में राधा को एक ड्राइविंग टेस्ट दिया गया, जिसे उन्होंने बड़ी ही आसानी से क्वालिफाई कर लिया और फिर कभी पीछे मुड़कर  नहीं देखा। आज राधा इस खतरनाक खेल में इतनी माहिर हो गईं हैं कि नए युवाओं को इस जानलेवा स्टंट का प्रशिक्षण  देतीं हैं।