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10 दिन बाद गुफा में जिंदा मिले 12 फुटबॉल खिलाड़ी, बाहर निकालने में लग सकता है चार महीने का वक्त

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4:52 pm 3 Jul, 2018

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थाईलैंड की एक गुफा में घूमने गए अंडर-16 फुटबॉल टीम के 12 खिलाड़ियों और उनके कोच को ब्रिटिश गोताखोरों ने आखिरकार खोज निकाला है। इन सभी की तलाश लंबे समय से चल रही थी। ये जूनियर फुटबॉल टीम अपने कोच के साथ 23 जून से लापता थी। नौ दिन की कड़ी मशक्कत के बाद इन्हें गुफा के अन्दर जिन्दा पाया गया। अभी इन्हें गुफा से बाहर निकाले जाने का काम जारी है।

 

 

इन खिलाड़ियों की उम्र 11 से 16 वर्ष के बीच बताई जा रही है। वहीं, कोच की उम्र 25 साल है। इस तरह से 13 लोग गुफा में फंसे हुए हैं। सभी अभ्यास मैच के बाद इस गुफा को देखने गए थे। लेकिन तभी अचानक आई बाढ़ से गुफा के अन्दर पानी भर गया और वापसी का रास्ता संकरा होने के कारण बंद हो गया।

 

 

इस गुफा की लंबाई तकरीबन 10 किलोमीटर बताई गई है, जहां बारिश के मौसम में जाना खतरे से खाली नहीं होता। इसलिए जुलाई से नवंबर के बीच इस गुफा में एंट्री बंद कर दी जाती है। बारिश में इसकी सतह इतनी दलदली हो जाती है कि खड़े रहना भी मुश्किल हो जाता है।

 

 

अब इस गुफा के अंदर सबको खाना और दवाइयां पहुंचाने का काम किया जा रहा है। वहीं, बच्चे अपने परिवारवालों से बात करें, इसके लिए गुफा के अन्दर फोन केबल्स डाली जा रही हैं।

 


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इन लोगों के बचाव कार्य में थाईलैंड, ब्रिटेन, म्यांमार, ऑस्ट्रेलिया, चीन और लाओस के विशेषज्ञों की टीम दिन रात जुटी हुई हैं। 1200 लोगों की ये टीम इन्हें सुरक्षित बाहर लाने के प्रयास में लगी है। गुफा में भरे पानी को पंप के जरिए बाहर निकालने की कोशिशें भी की जा रही हैं, लेकिन इससे खासा फर्क पड़ता नहीं दिख रहा, क्योंकि गुफा के अंदर पानी का स्तर ज्यादा है।

 

 

डॉक्टरों का कहना है कि इतने दिनों तक ये गुफा में पीने लायक पानी होने की वजह से जिन्दा रह पाए हैं। अब इन तक खाने-पीने की सामग्री पहुंचाई जा रही है। साथ ही गुफा में ऑक्सीजन की कमी दूर करने के लिए 200 सिलेंडरों का इन्तजाम किया गया है। यह गुफा म्यांमार और लाओस बॉर्डर के पास नेशनल पार्क के भीतर स्थित है।

 

 

थाईलैंड के अखबार द नेशन के अनुसार, रेस्क्यू टीम इन फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए कई तरीकों पर गौर कर रही है। इन तरीकों में पहला तरीका है गुफा के अन्दर से जो कई सुरंगे बाहर निकल रही है, उनमें से सुरक्षित रास्ता ढूँढकर फुटबॉलरों को गोताखोरी सिखाई जाए और बाहर निकाला जाए। दूसरा तरीका है चिमनिया गुफा के अन्दर तक ड्रिल की जाए और उनके जरिए बच्चों को बाहर निकाला जाए।

वहीं तीसरा रास्ता है बारिश और बाद के रूकने का इन्तेजार किया जाए, लेकिन इसमें कई महीनों का वक़्त लग सकता है।

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