Advertisement

इन 7 होटलों में ठहरने से पहले सौ बार सोचेंगे आप, भूतों का है बसेरा

12:09 pm 31 May, 2018

Advertisement

कहीं घूमने जाने को अगर कोई प्लान बना रहे हों तो ये जानकारी आपके लिए है। हम ट्रिप को मजेदार बनाने के लिए बहुत कुछ करते हैं। लोकेशन के चयन के बाद जो पहला काम होता है वो होटल बुकिंग ही होता है। अपने अनुभव को यादगार बनाने के लिए हम अच्छे से अच्छा होटल ढूंढते हैं। हालांकि, जेब का ख्याल भी रखना नहीं भूलते, लेकिन इन भूतहे होटल को जान लेना जरूरी है।

 

 

ये हैं भारत के कुछ भूतहा होटल्स, जहां ठहरना खतरों से खेलने के बराबर है!

 

मोरगन हाउस टूरिस्ट लॉज – कलिम्पोंग

 

 

जॉर्ज मोरगन कभी यहां अपनी पत्नी के साथ रहा करते थे, लेकिन जब उनकी पत्नी का देहांत हो गया तो वे यह घर छोड़कर चले गए। बाद में इसे एक लॉज बना दिया गया, लेकिन वहां ठहरने वाले लोगों ने शिकायत की। उन्हें लग रहा था कि वहां आत्मा की मौजूदगी है। लोगों को वहां किसी औरत के हाई हील्स में चलने की आवाजें सुनाई देती है।

 

रामोजी फ़िल्म सिटी – हैदराबाद

 

 

रामोजी फ़िल्म सिटी का निर्माण निज़ाम सुल्तानों के युद्ध क्षेत्र पर हुआ है, लिहाजा यहां कई मौतें हुई होंगी। गौरतलब है कि आस-पास के होटलों से रहस्यमयी घटनाओं की शिकायतें मिलती रहती हैं। यहां कभी किसी लाइट या लाइट-मैन का ऊंचाई से गिर पड़ना, बाथरूम के शीशे पर उर्दू में कुछ लिखा होना, खाने की प्लेटों का बिखरा होना आदि कई हादसे देखने को मिलते रहे हैं।

 

राज किरन होटल – लोनावला

 

 

लोनावला का ये होटल देश के सबसे हांटेड होटेल्स में शुमार है। विशेषज्ञों ने भी इसे जांचने के बाद इस बात पर अपनी सहमति दी है। कहा जाता है कि इस होटेल के रिसेप्शन के पास के कमरे में भूत है। यहां के रहनेवाले बताते हैं कि रात को सोते समय अचानक चादर खींच लेने, नीली रोशनी दिखाई देने आदि की शिकायत मिलती रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए होटल प्रशासन ने इस कमरे को रेंट पर देना बंद कर दिया है।


Advertisement
 

ब्रिज राज भवन पैलेस – कोटा

 

 

कोटा का ब्रिज राज भवन पैलेस पहले एक किला हुआ करता था। 18वीं सदी में यहां ब्रिटिश अधिकारी मेजर चार्ल्स बर्टन अपने परिवार के साथ रहा करते थे। लेकिन 1857 के विद्रोह के समय इस अंग्रेज़ी अफ़सर को उसके ही कर्मचारियों ने परिवार सहित कैद कर लिया और सबकी हत्या कर दी। लोग कहते हैं कि बर्टन का भूत उसी समय से इस होटल में भटकता है। इस बात पर कोटा की रानी भी सहमत थी।

 

ताज होटल – मुंबई

 

 

मुंबई के इस आलीशान होटल का ब्लू-प्रिंट फ्रेंच आर्किटेक्ट डब्ल्यू. ए. ने बनाया था लेकिन जब वो अपने देश से मुंबई आया तो चकित रह गया। उसके द्वारा बनाए गए डिज़ाइन के हिसाब से होटल नहीं बना था। इस बात से वह इतने दुःखी हुआ कि होटल की पांचवी मंज़िल से कूदकर आत्महत्या कर ली। कुछ यात्री होटल की पुरानी बिल्डिंग में उस आर्किटेक्ट के भूत को देखने का दावा किया है।

 

होटल सावोय – मसूरी

 

 

इस होटल को 1902 में बनाया गया था, लेकिन मात्र 8 साल बाद 1910 में यहां लेडी गार्नेट ओर्मे नामक एक महिला की रहस्यमय परिस्थिति में मौत हो गई। तभी से ये होटल भूतहा हो गया। कहा जाता है कि इसके कॉरिडोर्स और हॉल में उस महिला की आत्मा भटकती रहती है। इंडियन पारानोर्मल सोसाइटी यहां किसी महिला के रोने-चीखने की आवाज़ें रिकॉर्ड कर चुकी है।

 

होटल फ़र्नहिल्स पैलेस – ऊटी

 

 

ऊटी के इस होटल में बॉलीवुड हॉरर फ़िल्म राज़ की शूटिंग हुई थी। इस आलीशान होटल को 1844 में बनाया गया था। फिल्म की शूटिंग के दौरान कोरियोग्राफ़र सरोज खान और उनकी टीम को यहां कुछ अजीब-सी आवाज़ें सुनाई पड़ीं। छत से फर्नीचर के सरकने की आवाज आ रही थी। बाद में रिसेप्शनिस्ट ने कहा कि ऊपर सिर्फ छत है, कोई रहता नहीं है। हालांकि, ऐसी कई शिकायतों के बाद होटल को कुछ दिनों के लिए बंद भी कर दिया गया था।

 

अगर आपको अजीब अनुभूति चाहिए, तो इन होटलों का चुनाव कर सकते हैं, लेकिन अगर आराम की यात्रा चाहते हों तो इनसे बच कर ही रहें!

Advertisement


  • Advertisement