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स्टिंग ने किया बंगाल की राजनीति में बवाल, ममता बनर्जी से इस्तीफे की मांग

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9:26 am 15 Mar, 2016

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अप्रैल में होने वाले विधानसभा चुनावों से ठीक एक महीने पहले एक स्टिंग ऑपरेशन की वजह से पश्चिम बंगाल की राजनीति में भूचाल आ गया है। नारदन्यूज डॉट कॉम नामक एक समाचार पोर्टल द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन में तृणमूल कांग्रेस के दिग्गज नेताओं को रिश्वत मांगते हुए और पैसे लेते हुए दिखाया गया है।

विपक्ष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग की है, वहीं तृणमूल ने इसे साजिश करार दिया है और स्टिंग करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की धमकी दी है।

 

 

इस समाचार पोर्टल का दावा है कि यह स्टिंग ऑपरेशन दो वर्ष पूर्व लोकसभा चुनावों से पहले किया गया था।

वेबसाइट ने कई विडियो जारी किए गए हैं जिसमें कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस के 12 शीर्ष नेताओं, जिनमें कई सांसद, मेयर, मंत्री व पुलिस अधिकारी शामिल हैं, को एक नकली कंपनी इम्पैक्स कंसल्टेंसी के प्रतिनिधि से रुपए लेते दिखाया गया है।

बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग


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पश्चिम बंगाल में विपक्षी राजनीतिक दलों ने पूरे मामले को शर्मनाक करार देते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से तत्काल इस्तीफे की मांग की है। यही नहीं, चुनाव आयोग से भी कार्रवाई की मांग की गई है।

वरिष्ठ मार्क्सवादी नेता सूर्यकान्त मिश्र ने कहा कि निर्वाचन आयोग को तत्काल प्रभाव से चुनाव स्थगित करना चाहिए और राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करना चाहिए। मिश्र ने आरोप लगाया है कि स्टिंग में दी गई राशि का चुनावों में इस्तेमाल हो सकता है।

इस बीच, भारतीय जनता पार्टी ने मांग की है कि स्टिंग ऑपरेशन में दिखने वाले नेताओं को चुनाव लड़ने से वंचित किया जाए। प्रदेश भाजपा के केंद्रीय उपप्रभारी सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए.

तृणमूल ने कहा साजिश है

तृणमूल कांग्रेस ने इस स्टिंग ऑपरेशन को साजिश करार दिया है। पार्टी ने कहा है कि विपक्षी दल राजनीतिक रूप से तृणमूल का सामने नहीं कर पा रहे हैं, इसलिए वे दुष्प्रचार और साजिश पर उतर आए हैं।

वरिष्ठ तृणमूल नेता मुकुल राय ने कहा कि यह वीडियो फुटेज नकली है और इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, तृणमूल सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि स्टिंग ऑपरेशन करने वालों के खिलाफ पार्टी मानहानि का मुकदमा करेगी।

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