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15 वर्षीय इस भारतीय शूटर ने एशियाई खेलों में जीता रजत पदक, बनाया विश्व रिकॉर्ड

6:24 pm 25 Aug, 2018

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एशियन गेम्‍स में एक बार फिर भारत की झोली में सिल्वर मेडेल आ गया है। इंडोनेशिया में चल रहे ऐशियाई खेल 2018 में  भारतीय शूटर शार्दुल विहान ने ये कारनामा कर दिखाया है। 15 वर्षीय शार्दुल इशियाई खेलों में भारत को मेडल दिलाने वाले तीसरे भारतीय बन गए हैं।

 

पुरुषों की डबल ट्रैप स्पर्धा फाइनल में 73 के स्कोर के साथ विहान ने सिल्वर मेडल जीता है। इस प्रतियोगिता में कोरिया के यूनवू शिन गोल्ड के साथ पहले स्थान पर रहे, जबकि कतर के हामिद अली अल मारी ने ब्रॉन्ज मेडल के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। 

 

 

शार्दुल ने क्वालिफिकेशन में 141 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया था। शार्दुल ने कम उम्र में 141 पॉइंट का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया जो अभी तक किसी खिलाड़ी के नाम नहीं है।

 

 

विहान ने करीब 4 साल पहले इस खेल की शुरुआत की थी। साल 2017 में उन्होंने भारत के सबसे बड़े डबल ट्रैप शूटर अंकुर मित्तल को दो अंको से हराकर नेशनल शूटिंग चेंपियनशिप में चार गोल्ड मेडेल जीते थे।


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साल 2014 में इस खेल की शुरुआत के साथ ही उसने कई स्पर्धाओं में हिस्सा लेना शुरु कर दिया था। भारतीय मेडल विजेताओं में विहान तीसरे किशोरावस्था के खिलाड़ी है। इससे पहले 16 साल के सौरभ चौधरी और 19 साल के लक्ष्य ने देश को मेडल दिलाया था।

 

 

किसी अन्य भारतीय शूटर की तरह विहान का जीवन भी चुनौतियों से भरा रहा, ट्रेनिंग के लिए वो हर रोज मेरठ से दिल्ली और फिर दिल्ली से मेरठ 240 किलोमीटर का सफर तय करते थे, इस दौरान वो सुबह का नाश्ता भी बस में सफर करते हुए ही करते थे।

शार्दुल के पिता बताते हैं कि प्रतिदिन वो अपने चाचा मनोज के साथ अनवर सुल्तान की अकेडेमी में जाता था, जहां वो घंटो ट्रेनिंग किया करता था, लेकिन शार्दुल और उनके चाचा मनोज ने कभी भी इसकी शिकायत नहीं की। वो मानतेे हैं कि हर दिन इस तरह ट्रनिंग करना वाकई काबिले तारीफ है।

 

 

शार्दुल ने अपनी पूरी ट्रेनिंग अर्जुन पुरस्कार विजेता और पूर्व ओलंपियन अनवर सुल्तान से ली है। इस भारतीय शूटर की सफलता ने न सिर्फ उसके पिता बल्कि पूरे देश का कद ऊंचा कर दिया है। 

 

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