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90 के दशक में कुछ इस तरह होता था प्यार, तब व्हाट्सएप्प नहीं था न!

10:25 am 7 Jul, 2018

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व्हाट्सएप्प के जमाने में बहुत कुछ बदल गया है। 90 के दशक में प्यार इतना आसान नहीं हुआ करता था। मैसेज और चैटिंग तो कोई सोच भी नहीं सकता था। वैसे प्यार है ही बड़ा पेचीदा, जो कब, किसे और कैसे हो जाए, कोई कह नहीं सकता। जब कोई प्यार में होता है तो वो अपने प्रेमी को अपनी भावना व्यक्त करने के बहाने खोजता रहता है। आजकल सोशल मीडिया ने इस पूरी प्रक्रिया को आसान बना दिया है।

 

 

आज ये सोचकर हंसी आ सकती है कि कैसे 90 के दशक में प्रेमी प्यार को पाने के लिए मशक्कत करते थे। तब व्हाट्सएप्प सोशल मीडिया और इंटरनेट का उतना चलन नहीं था लिहाजा तरीके बेहद फनी लग सकते हैं!

 

1. लव लेटर

 

 

लव लेटर लिखना जरूरी हुआ करता था उस समय। एक यही जरिया था जिससे प्रेमी अपनी भावनाओं को व्यक्त कर सकता था। उस जमाने में लव लेटर लिखने के लिए कार्ड्स बिकते थे। उन कार्ड्स पर रंग-बिरंगे फूल और प्रेम निशानियां बनी होती थी। प्रेम पत्र लिखने से लेकर पहुंचाने और फिर जवाब आने तक का लंबा इंतज़ार करना होता था। उस दौर के लोग इसे याद कर रोमांचित हो सकते हैं।

 

2. उसके लिए स्लैम बुक लिखना

 

 

उन दिनों टीनएजर स्लैम बुक उपलब्ध होते थे, जिसमें सुन्दर-सुन्दर डिज़ाइन बने होते थे। किशोर और युवा उसमें अपने फीलिंग्स लिखते थे और उसे संजो कर रखा करते थे। इसको छुप-छुपाकर रखना होता था कि किसी बड़े-बुजुर्गों के हाथ न लग जाए।

 

3. रेडियो पर फ़रमाइशी गाने

 

 

रेडियो प्रेमियों के बीच लोकप्रिय हुआ करता था। इस पर तरह-तरह के गाने सुनकर हसीन स्मृतियों में खोने का मजा उस जमाने के आशिक ही बयां कर सकते हैं। रेडियो पर फरमाइशी गाने आते थे, जहां प्रेमी अपनी प्रेमिका का नाम उजागर किए गाना डेडिकेट कर सकते थे। यह भी भावना को व्यक्त करने का अच्छा माध्यम हुआ करता था।

 

4. कार्ड्स भेजना

 

 

आज की तरह उस जमाने में व्हाट्सएप्प या फेसबुक पर लोग विश तो कर नहीं सकते थे। जन्मदिन या किसी ख़ास दिन पर लोग ग्रीटिंग कार्ड्स भेजा करते थे। ये कार्ड्स भी कई तरह के होते थे, जैसे म्यूज़िकल कार्ड्स, ख़ुशबू वाले कार्ड्स, फोल्डिंग कार्ड्स आदि।

 

5. गिफ़्ट्स भेजना

 

 


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लड़की हो या लड़का, अगर वो प्यार में होते थे तो प्रेमी के पसंद के गिफ्ट्स बिना नाम लिखे पते पर भेज दिया करते थे। उस जमाने में इम्प्रेस करने का ये बेहतर तरीका होता था।

 

6. कैसेट रोमांटिक गानों वाला

 

 

लोग उस समय खाली कैसेट में अपने पसंद के गाने डलवाकर रखते थे। प्रेमी जोड़े अपनी पसंद के गाने भरवाकर घंटों सुना करते और एक-दूसरे को याद करते थे। ऐसे कैसेट लोग एक-दूसरे को गिफ्ट भी करते थे। उस जमाने का म्यूजिक खासा सुकून देने वाला होता था।

 

7. लवर के दोस्त या सहेली से दोस्ती

 

 

अपने लवर के दोस्त या सहेली से दोस्ती कर लोग किला फतह का सिलसिला शुरू करते थे। यदि ऐसा हो जाता तो लोग आधा मैदान मारने की स्थिति में होते थे। इसी सीढ़ी का इस्तेमाल कर लवर तक पहुंचने की जद्दोजहद शुरू होती थी।

 

8. लैंड लाइन पर कॉल

 

 

प्यार जताने के लिए लोग लैंड लाइन पर लगे रहते थे। जब तक उसकी आवाज कानों तक नहीं पहुंचती तब तक बार-बार फ़ोन करने का सिलसिला चलता था।

 

9. लाइब्रेरी में मिलना

 

 

कॉलेज की लाइब्रेरी मिलने के लिए बेहद मुफीद जगह हुआ करती थी। वहां अधिक बातें भले ही न हो पाती हों लेकिन चिट्स का आदान-प्रदान तो हो ही जाता था।

 

10. कॉलेज ट्रिप्स

 

 

90 के दशक में कॉलेज ट्रिप पर एक-दूसरे के साथ समय बिताने को मिलता था। लोग इसका खूब सदुपयोग करते थे अगर लवर एक ही कॉलेज के हों तो। कई बार प्यार की शुरुआत ही ऐसे ट्रिप्स से होती थी।

 

आज के वर्चुअल जमाने में सब कुछ ऑनलाइन है। उस दौर के अपने मित्र को अवश्य ही ये स्टोरी भेजें, ताकि वो सुहाना दौर जेहन में जिंदा हो जाए!

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