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ट्रक ड्राइवर के बेटे ने कॉमनवेल्थ में भारत को दिलाया पदक, नहीं बनना चाहते थे वेटलिफ्टर लेकिन…

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2:45 pm 5 Apr, 2018

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ऑस्ट्रेलिया की मेजबानी में 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स का बुधवार को रंगारंग कार्यक्रम के साथ आगाज हुआ और गुरुवार को भारतीय खिलाड़ियों ने  इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपना हुनर दिखाना शुरू भी कर दिया।

 

भारत ने वेटलिफ्टिंग में पहला मेडल हासिल कर लिया है। 56 किलोग्राम वर्ग मेें भारत के पी. गुरुराजा ने सिल्‍वर मेडल जीता हैै। कॉमनवेल्थ गेम्स में डेब्यू कर रहे 25 साल के गुरुराजा ने अपना सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत प्रदर्शन दोहराते हुए 249 किलो ( 111 और 138 ) वजन उठाया।

 

 

जीत के बाद गुरुराजा ने कहाः ”मुझे बहुत खुशी है कि इन खेलों में मैंने भारत का पहला पदक जीता। यह मेरे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के आसपास भी नहीं है, लेकिन मुझे रजत पदक जीतने की खुशी है।”

 

 

भारत को इस कॉमनवेल्थ गेम्स का पहला पदक दिलवाने वाले गुरुराजा का जीवन संघर्ष भरा रहा है। उनके लिए इस मंच तक पहुंचना आसान नहीं था।

 

 

गुरुराजा भारतीय वायुसेना में निम्न श्रेणी के कर्मचारी है। उनके दिन-रात मेहनत का ही परिणाम है कि वह वेटलिफ्टिंग में खुद को पारंगत कर पाए।

 

 

गुरुराजा शुरू से वेटलिफ्टर नहीं, बल्कि पहलवान बनना चाहते थे। उनके कोच की पैनी नजर हर वक्त उनपर रहती थी। उन्होंने गुरुराजा में वेटलिफ्टिंग की प्रतिभा देखी और फिर उन्हें इस खेल के लिए तैयार किया। अब गुरुराजा कहते हैं कि उन्हें इस बात की खुशी है कि उन्होंने वेटलिफ्टिंग को चुना।

 

 

इस प्रतियोगिता में मलेशिया के तीन बार के चैम्पियन मोहम्मद इजहार अहमद ने खेलों में नया रिकार्ड बनाते हुए 261 किलो ( 117 और 144 ) वजन उठाकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। वहीं, श्रीलंका के लकमल चतुरंगा को कांस्य पदक हासिल हुआ।

 

 

गुरुराजा की इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई देने वालों का तांता लग गया है।

 

 

 


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