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भारत में बना तिरंगा विदेश नहीं भेजा जाता, जानिए क्यों लगी है इस पर रोक!

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4:59 pm 15 Aug, 2018

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जब हमारे देश की शान राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया जा रहा होता है तो उस समय उस दृश्य को देख हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। आज देश 72वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। देश ही नहीं, दुनियाभर में बसे भारतीय यह दिन धूमधाम से मनाते हैं। आज दुनिया का कौन-सा कोना है, जहां भारतीय न हों। दुनिया के डेढ सौ से अधिक देशों में दो करोड़ से ज्यादा भारतीयों का बोलबाला है।

 

हालांकि, विदेश में रह रहे ये भारतीय यानी कि एनआरआई भारत में बना तिरंगा नहीं फहरा पाते।

 

 

दरअसल, कई अंतर्राष्ट्रीय कूरियर कंपनियां भारत से बाहर तिरंगा नहीं भेजतीं हैं। इन कंपनियों में फेडेक्स, टीएनटी, यूपीएस और डीएचएल जैसी अधिकतर कई अंतर्राष्ट्रीय कूरियर कंपनियां शामिल हैं।

 

यूपीएस के एक प्रवक्ता का इस मसले पर कहना है कि कुछ चीजों को निर्यात करने से जुड़े नियम सख्त हैं। इसलिए कूरियर कंपनियां देश से बाहर तिरंगा भेजने से इनकार करती हैं। उनके मुताबिक, ये ‘रेस्ट्रिक्टेड आइटम’ है, जिसे एक्सपोर्ट कर विदेश भेजना सही नहीं है।

 


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कूरियर कंपनियों की इस मनाही की वजह से भारतीय फ्लैग मैन्युफैक्चरर्स को अमेरिका, कनाडा और यूरोप में रहने वाले भारतीयों से मिलने वाले झंडे के ऑर्डर को मना करना पड़ता है। मुंबई में झंडा बनाने वाली द फ्लैग कॉरपोरेशन के मालिक ज्ञान शाह बताते हैंः

 

“कोई भी विदेशी कूरियर कंपनी तिरंगा ले जाने को राजी नहीं होती। वे इसकी वजह भी नहीं बताती हैं। इसलिए विदेश से आए सारे आर्डर हमें कैंसिल करने पड़ते हैं। यही कारण है जिसकी वजह से ज्यादातर एनआरआई को चीन में बने भारतीय झंडे फहराने पड़ते हैं, जो वहां के डिपार्टमेंटल स्टोर्स और खेल के सामान की दुकानों में बेचे जाते हैं।”

 

 

इस मसले पर गृह मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है फ्लैग कोड में इस पर स्पष्ट रूप से कोई रोक नहीं है। इसके बावजूद कूरियर कंपनियां क्यों तिरंगा विदेश नहीं भेजती, इसकी वजह साफ नहीं है।

वहीं संविधान के जानकारों के मुताबिक, भारत से राष्ट्र ध्वज को बाहर ले जाने पर कोई रोक नहीं है। हालांकि, कूरियर कंपनियों को तिरंगा ले जाते समय उचित सावधानी रखनी चाहिए। इसका अपमान नहीं होना चाहिए। इसे खराब हालत में नहीं ले जाया जाना चाहिए।

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