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बोधगया के महाबोधि मंदिर पर थी हमले की साजिश

4:34 pm 17 Sep, 2017

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बोधगया स्थित अंतर्राष्ट्रीय महाबोधि मंदिर पर आतंकी हमले की साजिश का खुलासा हुआ है। गया से पिछले बुधवार को पकड़े गए आतंकी तौसिफ खान ने पूछताछ में यह बताया है कि गया के तीन प्रमुख स्थान निशाने पर थे। तौसिफ और उसके साथियों ने विष्णुपद मंदिर का पितृपक्ष मेला क्षेत्र, महाबोधि मंदिर और गया जंक्शन पर धमाका करने की साजिश रची थी।

तौसिफ खान वर्ष 2008 के अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट का आरोपी भी है।

इस मामले में तौसिफ सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दूसरा आरोपी गुलाम सरवर प्रतिबंधित संगठन सिमी से संबद्ध है, जबकि तीसरे का नाम शहंशाह उर्फ सानू बताया गया है। पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, तौसिफ रोज अपनी गतिविधियों के लिए एक साइबर कैफे का इस्तेमाल करता था। पुलिस ने इस कैफे से उस कम्प्युटर को जब्त कर लिया है, जिसका इस्तेमाल वह रोज मेल भेजने के लिए करता रहा था। वह चांद नामक एक व्यक्ति के साथ संपर्क में था। अहमदाबाद में धमाकों के बाद तौसिफ न केवल पिछले 9 साल से अपनी पहचान छुपा कर गया में रह रहा था, बल्कि वह इस्लामिक स्टेट के लिए भी प्रचार-प्रसार कर रहा था। उसके संबंध यासिन भटकल से भी बताए जाते हैं।

तौसिफ पिछले 9 साल से शांत था, लेकिन अब महाबोधि मंदिर पर हमले की साजिश कुछ और ही खुलासा कर रही है।

यह पहली बार नहीं है जब बोधगया में हमले की साजिश रची जा रही है। इससे पहले वर्ष 2013 में भी रोहिंग्या मुसलमानों के समर्थन में यहां हमला हो चुका है।

यही वजह है कि पुलिस जांच कर रही है कि क्या आतंकी संगठन म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों पर हो रहे अत्याचार का बदला भारत में बौद्ध मंदिरों पर हमला कर पूरा करना चाहते हैं?

बिहार के कई जिले आतंकियों के रडार पर हैं और इनका इस्तेमाल आतंकी शरणस्थली के रूप में कर रहे हैं। दरभंगा, मधुबनी समस्तीपुर, गया, भागलपुर, किशनगंज, अररिया और मोतिहारी जैसे जिलों में मुसलमानों की संख्या अधिक है और आतंकवादी इन जिलों को सुरक्षित पनाहगार बना रहे हैं।

अब तक बिहार से दर्जनभर आतंकी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

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