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इस वंडर किड ने महज 8 की उम्र में ज्वाइन कर ली थी नासा, 15 साल में PHD

12:07 pm 12 Sep, 2018

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दुनिया में ऐसे लोग भी हैं जो अतिरिक्त दिमागी शक्ति से परिपूर्ण हैं। अमूमन ऐसे लोगों को बचपन में ही पहचाना जा सकता है। साउथ कोरिया के किम उंग योंग को माता-पिता ने जब बेहद बुद्धिमान पाया तो वे उसे आगे सीखने में मदद करने लगे। वंडर किड किम बचपन से ही किताबों में डूबे रहते थे। ये बेहद चौंकाने वाला रहा कि उन्होंने महज 1 साल की उम्र में 2 भाषाओं का ज्ञान हासिल कर लिया।

 

वंडर किड किम को दुनिया के सबसे बुद्धिमान लोगों में शुमार किया गया है!

 

 

इनका जन्म 8 मार्च 1962 को साउथ कोरिया में हुआ था। उनके माता-पिता पढ़े-लिखे थे। किम ने कोरियन और चीनी भाषा को सीखकर उन्हें भी चौंका दिया था। उन्होंने ये भाषाएं बिना किसी की सहायता से सीखी थी। कुछ ही दिनों में इनके माता-पिता ये समझ गए कि किम आम बच्चों से बहुत ही तेज है, लिहाजा उसे उसी तरीके से मदद करने में जुट गए।

 

 


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जानकर हैरानी होगी कि 3 साल की उम्र में किम ने कॉलेज जाने का निर्णय लिया जब बच्चे प्री-स्कूल में जाते हैं। उनके दिमाग का टेस्ट लिया गया तो पाया गया कि वे 3 साल की उम्र में ही कॉलेज जाने योग्य हैं। जब वे 4 साल के थे तो आईक्यू टेस्ट लिया गया और उन्हें 210 अंक मिले। यही कारण रहा कि गिनीज़ बुक ऑफ रिकार्ड में उन्हें सबसे ज्यादा आईक्यू वाले बच्चे के रूप में सम्मिलित किया गया। 8 साल की उम्र में किम ने न्यूक्लियर फिजिक्स में मास्टर डिग्री हासिल की और नासा से जुड़ गए। इन्होंने लगभग 10 साल नासा में काम किया।

 

 

ये बात सोचने के लिए मजबूर करती है कि किम को खुद लगने लगा कि वे ज्ञान का पिटारा और एक मशीन से ज्यादा कुछ नहीं हैं। लिहाजा उनका जीवन भी कुछ उसी तरीके का बन गया था। उनका न कोई दोस्त बन सका और न ही वे समाज से जुड़े रह सके। आम जिंदगी से जुड़ने के लिए वे नासा की नौकरी छोड़ साउथ कोरिया वापस आ गए। देश लौटने पर उन्हें मजाक का पात्र बनना पड़ा। लोगों ने उनके इस निर्णय पर अजीब प्रतिक्रियाएं दी। यहां तक कि उन्हें नौकरी खोजने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

 

 

50 साल उम्र में उन्होंने साउथ कोरिया के एक कॉलेज में प्रोफेसर की नौकरी हासिल की। अब वे आम जिंदगी जी रहे हैं और खुशियां हासिल कर रहे हैं।

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