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जसप्रीत बुमराह के दादा की मौत पर क्रिकेटर को ही कहा जा रहा है पत्थरदिल, जानिए क्यों

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5:31 pm 11 Dec, 2017

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भारतीय क्रिकेटर जसप्रीत बुमराह के दादा जी की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। उनका शव अहमदाबाद के साबरमती नदी में मिला। उनके सुसाइड करने की आशंका जताई गई है। वह आठ दिसम्बर से लापता थे।

 

उत्तराखंड के उधमसिंह नगर के किच्छा में रहने वाले 84 वर्षीय संतोख सिंह तीन-चार दिन पहले ही अहमदाबाद अपने पोते जसप्रीत से मिलने आए हुए थे। वह अपनी बेटी और बुमराह की बुआ रविंदर कौर के घर पर रुके हुए थे। बता दें कि जसप्रीत बुमराह अपनी मां और परिवार के साथ अहमदाबाद में रहते हैं।

 

 

बुमराह की बुआ का कहना है कि उनके पिताजी उत्तराखंड से 5 दिसंबर को जसप्रीत के जन्मदिन पर उन्हें बधाई देने के लिए अहमदाबाद आए थे। उनका इच्छा थी कि वह अपने पोते से मिले, लेकिन वह अचानक लापता हो गए।

 

जसप्रीत की बुआ ने 8 दिसंबर को संतोख सिंह के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस उनकी तलाश में लग गई थी। छानबीन के बाद पुलिस को उनकी लाश साबरमती नदी के पुल के पास से मिली। पुलिस के मुताबिक, ‘साबरमती नदी के गांधी ब्रिज और दधीचि ब्रिज के बीच में बुजुर्ग संतोख सिंह का शव मिला। अहमदाबाद फायर ऐंड इमर्जेंसी सर्विस ने रविवार दोपहर उनका शव बरामद किया।’

 

बकौल बुम्राह कि बुआ रविंदर कौर का कहना है कि जसप्रीत की मां ने अपने बेटे को दादा से मिलने नहीं दिया. वे किसी को भी उनसे मिलने नहीं देती थी.

जिंदर कौर ने बताया कि जसप्रीत की मां ने उनसे मिलने से साफ इनकार कर दिया और कहा कि हमारे परिवार से कोई भी उनके बेटे से किसी तरह से संपर्क करने की कोशिश न करे। उन्होंने जसप्रीत का नंबर देने से भी इनकार कर दिया।

 

 

बकौल बुमराह की बुआ रविंदर कौर का आरोप है कि जब बुमराह के दादा अपने पोते जसप्रीत बुमराह से मिलने उनके घर पहुंचे तो वहां उनको किसी ने भी तवज्जो नहीं दी।

 

बुमराह की मां ने साफ़ तौर से मिलने से इंकार कर दिया। वे किसी को भी उनसे मिलने नहीं देती थी। उन्होंने जसप्रीत का नंबर देने से भी इनकार कर दिया। इससे आहात होकर उन्होंने साबरमती में कूदकर आत्महत्या कर ली।

 

 

 

बुमराह के दादा संतोख सिंह बुमराह अॉटोरिक्शा चलाते थे। उनके सहयोगियों का कहना है कि उन्होंने पारिवारिक कलह के चलते अहमदाबाद स्थित साबरमती नदी में कूदकर आत्महत्या की है।

 

कुछ रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि उन्होंने आत्महत्या करने से पहले अपने मित्र रेशम सिंह से फ़ोन पर बात की थी और उन्हें बताया था कि वह नदी में कूदने जा रहे हैं। रेशम ये सुनकर भौचक्के रह गए। वह उन्हें कुछ समझा पाते इससे पहले ही उन्होंने फ़ोन काट दिया और बाद में फोन स्विच ऑफ हो गया।

 


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ग़ौरतलब है कि बुमराह के दादा संतोख सिंह पहले काफी अमीर हुआ करते थे और उनकी गुजरात के अहमदाबाद में 3 फैक्ट्रियां हुआ करती थी। लेकिन उस वक़्त उनके परिवार पर पहाड़ टूट पड़ा जब 2001 में जसप्रीत बुमराह के पिता जसवीर बुमराह की मौत हो गई।उस समय जसप्रीत बुमराह सिर्फ 7 साल के थे।

 

इस परिवार पर एक के बाद एक मुसीबतें आनी शुरू हो गईं और आर्थिक तंगी के कारण संतोख सिंह को अपनी तीनों फैक्ट्रियां बेचनी पड़ीं। फिर संतोख बुमराह अपना सारा कारोबार बेचकर उत्तराखंड चले गए।

मीडिया रिपोर्ट्स का कहना है कि कुछ पारिवारिक कारणों से जसप्रीत बुमारह अपनी मां के साथ अपने दादा से अलग रहने लगे थे। उत्तराखंड से केवल एक बार अपने पोते से मिलने की आस में अहमदाबाद पहुंचे थे लेकिन संतोख सिंह की यह अंतिम इच्छा भी अधूरी ही रह गई।

 

 

ऐसे में ट्विटर पर लोग जसप्रीत बुमराह पर सवाल खड़े का रहे हैं।

 

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