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ये हैं IPL इतिहास के 6 सबसे बड़े मुकाबले, जब खिलाड़ियों ने खोया अपना आपा

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7:58 pm 18 Apr, 2018

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2008 में शुरू हुए आईपीएल ने क्रिकेट का चेहरा ही बदल कर रख दिया है। छोटे फॉर्मेट के इस क्रिकेट ने भारत के ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई देशों के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच दिया है।

इसकी वजह से कई ऐसे सितारे उभरे है, जिन्हें पहले कोई जानता तक नहीं था। भारत के कई जूनियर खिलाड़ियों को इसमें खेलने का मौक़ा मिला और उन्होंने मौके को दोनों हाथ से भुनाया। इस खेल ने देश को कई ऐसे खिलाड़ी दिए हैं, जिनकी अब भारतीय क्रिकेट टीम में अहम भूमिका है।

 

 

क्रिकेट का इस सबसे चर्चित और पॉपुलर फ़ॉर्मेट के लिए क्रिकेट प्रेमी से लेकर खिलाड़ी हर कोई बेताब रहता है। आईपीएल की कामयाबी का अंदाजा आप इसी से लगा सकते है कि इसके दौरान ज़्यादातर देश अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं रखते। लेकिन आईपीएल कई विवादों के कारण चर्चा का विषय भी रहा है।

मैच के इंटेंसिटी में कई बार खिलाड़ियों ने अपना आपा खोया है और आपस में उलझते हुए नजर आए हैं। कई बार तो इन झगड़ों ने काफी बड़ा रुख भी अख्तियार किया है।
 
 

सौरव गांगुली बनाम शेन वॉर्न

 

साल 2008 में आईपीएल के पहले सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान सौरव गांगुली और राजस्थान रॉयल्स के कप्तान शेन वॉर्न के बीच जबरदस्त गहमागहमी हो गई थी। दरअसल, बल्लेबाजी कर रहे गांगुली का कैच ग्रीम स्मिथ ने लपक लिया था, लेकिन गांगुली को यकीन था कि कैच अच्छे से नहीं पकड़ा गया। इसके बाद उन्होंने अंपायर को रिव्यू लेने के लिए मजबूर कर दिया। फिर जब मामला थर्ड अंपायर के पास गया तो फैसला सौरव गांगुली के पक्ष में आया। वह नॉट आउट दिए गए। फिर क्या, कप्तान शेन वॉर्न इस बात से बेहद खफा हो गए, जिसके चलते शेन वॉर्न व गांगुली के बीच बहसबाजी हो गई।

इस टकराव के चलते दोनों खिलाड़ियों पर मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना भी लगाया गया, जबकि अंपायर प्रताप कुमार पर भी एक मैच का बैन लगाया गया।

 


 
 

विराट कोहली बनाम गौतम गंभीर

 

साल 2013 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के कप्तान विराट कोहली व कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान गौतम गंभीर के बीच भी मैदान पर जमकर बहस हुई थी।

दरअसल, गेंदबाज प्रदीप सांगवान की गेंद पर लगातार दो छक्के जड़ कोहली तीसरा छक्का लगाने के चक्कर में अपना विकेट गंवा बैठे। विराट का महत्वपूर्ण विकेट पाकर केकेआर की टीम जश्न मनाने लगे। इतने में वापस पवेलियन लौट रहे विराट की गौतम गंभीर से कहासुनी हो गई। बाद में साथी खिलाड़ियों और अंपायर ने बीच-बचाव कर मामला शांत करवाया।

 


 
 

हरभजन सिंह बनाम एस श्रीसंत

 

आईपीएल के पहले सीजन में हरभजन सिंह व एस श्रीसंत के बीच हुए जबर्दस्त टकराव को भला कौन भूल सकता है। ये विवाद कई दिनों तक सुर्खियों में बना रहा।

हरभजन सिंह ने कथित तौर पर किंग्स इलेवन पंजाब के तेज गेंदबाज एस श्रीसंत को थप्पड़ जड़ दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि मैच में पंजाब की जीत के बाद श्रीसंत ने हरभजन सिंह का मजाक उड़ाया था, जिसके चलते उन्होंने गुस्से में श्रीसंत पर हाथ उठा दिया। श्रीसंत के मैदान पर ही रोने की तस्वीर सोशल मीडिया से लेकर मेनस्ट्रीम मीडिया में चर्चा का विषय रही। वहीं हरभजन पर 11 मैचों का बैन भी लगाया गया था।


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क्रिस गेल बनाम पोलार्ड

 

आईपीएल-8 में मुंबई इंडियन्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बीच खेले गए एक मुकाबले में वेस्टइंडीज के दो दिग्गज खिलाड़ी पोलार्ड और क्रिस गेल के बीच बड़ा विवाद हो गया था।

 

इस मैच के बीच कुछ ऐसा हुआ, जिसमें पोलार्ड और क्रिस गेल की भिड़ंत हो गई। इसके बाद ग्राउंड अंपायरों ने पोलार्ड को चेतावनी दी। फिर वह तुरंत दौड़कर मुंबई इंडियंस के डगआउट एरिया में गए और विरोध जताने के लिए अपने मुंह पर टेप चिपका कर वापस आ गए। यह मामला भी चर्चित विवादों में से एक है।

 


 
 

रॉबिन उथप्पा बनाम सरफराज खान

 

आईपीएल सीजन 8 में कोलकाता के खिलाड़ी रॉबिन उथप्पा किसी बात को लेकर बैंगलोर के रिजर्व खिलाड़ी सरफराज खान से भिड़ गए थे।

दरअसल, जब आरसीबी के क्रिस गेल आउट हुए तो सरफराज मैदान पर ड्रिंक्स लेकर आए, तभी उथप्पा की सरफराज से बहसबाजी हो गई। बाद में प्रेजेंटेशन सेरेमनी के दौरान भी उथप्पा को सरफराज से बहस करते देखा गया। कहा जाता है कि उथप्पा इतने गुस्से थे कि सरफराज को मारने के लिए दौड़ पड़े। तब एबी डिविलियर्स और अशोक डिंडा ने बीच बचाव कर मामले को शांत किया। यह विवाद भी काफी चर्चा में रहा था।

 

 


 
 

विराट-कार्तिक बनाम अंपायर

 

आईपीएल-10 में विराट कोहली और उनके साथी दिनेश कार्तिक कि मैच खेलने के दौरान अंपायर से बहसबाजी हो गई थी। सनराइजर्स हैदराबाद के साथ चल रहे इस मैच में बारिश ने अपना खलल डाला था।

दरअसल, बारिश के कारण मैच को 11-11 ओवर का कर दिया गया था। मैच को शुरू करने के फैसले से कप्तान कोहली खुश नहीं थे क्योंकि मैदान अच्छी तरह सूखा नहीं था। ऐसे में गेंद हाथों से फिसल रही थी। कोहली चाहते थे कि ऐसी स्थिति में खेल रोक दिया जाए, लेकिन अंपायर इसके लिए राजी नहीं हुए और खेल जारी रखा। इस बात पर कोहली और दिनेश कार्तिक अंपायर कुमार धर्मसेना से बहस करने लगे। यह मामला भी मीडिया में चर्चा का विषय रहा। बाद में दिनेश कार्तिक पर मैच फीस का 20 प्रतिशत जुर्माना भी  लगाया गया था।

 

 

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