कभी डॉलर से भी ज्यादा मजबूत था अपना रुपया, जानिए भारतीय मुद्रा से जुड़े रोचक तथ्य

2:28 pm 20 Jun, 2018

अक्सर आपने देखा होगा कि लोगोंं के हाथों में रुपया आते ही, वो उसे बारीकी से देखने लगते हैं। जाहिर है हर कोई ये सुनिश्चित करना चाहता है कि नोट फटा-पुराना या नकली न हो। खासकर जब बात 500 या 2 हजार रुपए की हो, तो फिक्र और भी बढ़ जाती है। ऐसे में नोट पर प्रकाशित चिह्नों को देखकर पता लगाया जा सकता है कि दिया गया नोट सही है या नहीं। आपने भी कई बार नोट पर अंकित ऐसे ही चिह्न देखकर उसकी जांच की होगी। भले ही आप नोट की परख करने में माहिर हो, लेकिन भारतीय मुद्रा से जुड़ी ऐसी बहुत सी खास बातें हैं, जो शायद आप नहीं जानते होंगे । हम आपको भारतीय ‘रुपए’ से जुड़ी कुछ ऐसी ही रोचक बातें बताने जा रहे हैं।

 

कम ही लोग जानते होंगे कि भारत में एक समय 5 हजार और 10 हजार रुपए के नोट चलन में थे। यह दौर 1954 से 1978 के बीच का था।

 

क्या आपको पता है कि आजादी के बाद कई साल तक पाकिस्तान भारतीय मुद्रा पर अपनी मुहर लगाकर चलाता रहा था। ये तब तक चलता रहा जब तक पाकिस्तान के पास खुद की मुद्रा पर्याप्‍त मात्रा में उपलब्ध नहीं हो गई।

 

 

भारत में एक रुपए का नोट वित्त मंत्रालय  द्वारा जारी किया जाता है, जिस पर सचिव के हस्ताक्षर होते हैं।

 

 

500 और 1000 रुपए के भारतीय नोट नेपाल में प्रतिबंधित थे।

 

साल 2007 में कलकत्ता  में 5 रुपए के सिक्कों की कमी हो गई थी। इसके पीछे वजह थी सिक्कों की तस्करी। दरअसल, बांग्लादेश में 5 रुपए के इन सिक्कों को ब्लेड बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।

 

एक 10 रुपए के सिक्के के निर्माण पर सरकार 6.10 रुपए का खर्च वहन करती है।

 

भारत में नोट के आगे हिंदी और अंग्रेजी दो भाषाएं लिखी होती हैं। वहीं इसकी विपरीत दिशा में कुल 15 भाषाएं होती हैं। इन क्षेत्रीय भाषाओं में असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मलयालम, मराठी, नेपाली, उड़िया, पंजाबी, संस्कृत, तमिल, तेलुगू और उर्दू शामिल हैं।

 

 

अगर आपका नोट फटा हुआ है या नोट का 51 फीसदी हिस्सा आपके पास है तो आरबीआई की गाइडलाइन्स  के मुताबिक आप उस नोट को बदलकर बैंक से दूसरा नोट ले सकते हैं।

 




 

भारत में सभी नोटों में देश के विभिन्न हिस्सों की छाप होती है। जैसे 20 रुपए के नोट पर आपको अंडमान की तस्वीर दिखेगी।

 

 

आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि 1971 में रुपया डॉलर से अधिक शक्तिशाली था। उस वक्त 13 डॉलर की कीमत एक रुपए के बराबर थी।

 

 

आपने कई बार भारतीय रुपये पर महात्मा गांधी की मुस्कुराती हुई तस्वीर को देखा होगा। नोट पर छपी इस तस्वीर को हाथों से नहीं बनाया गया, बल्कि ये गांधी जी की एक वास्तविक तस्वीर है जो 1947 में ली गई थी। इस तस्वीर को उस वक्त खींचा गया था जब पास खड़े एक व्यक्ति को देखकर गांधी जी मुस्कुरा रहे थे।

 

 

आज के समय में कागज की मुद्रा बनाने के लिए कपास का इस्तेमाल किया जाता है।

 

एक समय भारतीय रिजर्व बैंक ने सिक्कों के निर्माण का काम विदेशों में करवाया था।

 

 

यदि आपको इस बात का पता लगाना चाहते है कि जो सिक्का आपके पास है उसका निर्माण कहां हुआ है, तो सिक्के पर बने चिह्न से इस बात का पता लगाया जा सकता है। मिसाल के तौर पर अगर किसी सिक्का का निर्माण मुंबई में हुआ है, तो उस पर डायमंड का चिह्न बना होगा, वहीं, नोएडा में बने सिक्के पर एक बिंदु होगा।