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ड्रोन से ली गई इन तस्वीरों में साफ दिखती है अमीरी-गरीबी की खाई

6:44 pm 15 Sep, 2018

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आर्थिक और सामाजिक असमानता की खाई पूरी दुनिया में है। इसी असमानता को जॉनी मिलर अक्सर अपने काम के जरिए दुनिया के सामने रखते हैं। जॉनी एक डॉक्यूमेंट्री फोटोग्राफर और फिल्ममेकर है। दुनियाभर में फैली अमीरी-गरीबी की खाई को दिखाने के लिए उन्होंने दुनिया के कई देशों की ड्रोन से तस्वीरें ली हैं और ये तस्वीरें देखने के बाद आपको अमीर और गरीब लोगों के रहन-सहन का फर्क साफ नज़र आएगा।

 

केपटाउन, दक्षिण अफ्रीका

 

दक्षिण अफ्रीक में काले और गोरों का भेदभाव बहुत सालों तक था, हालांकि अब ये खत्म हो चुका है, लेकिन अमीर और गरीब की खाई अब भी बहुत ज्यादा है और इस तस्वीर में ये साफ नज़र आ रहा है। एक तरफ घनी बस्तियां है तो दूसरी तरह व्यवस्थि बनी अमीरों की कॉलोनी।

मुंबई, भारत

 

मायानगरी मुंबई को सपनों का शहर कहा जाता हैं। यहां बहुत से लोग सपने लेकर आते हैं, मगर सबके सपने सच नहीं हो पाते और ऐसे लोग पहुंच जाते हैं स्लम एरिया यानी झुग्गी झोपड़ियो में। धारावी एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती है। इस शहर में एक तरफ गंगनचुंबी इमारतें हैं, तो दूसरी तरफ शहर की खूबसरती पर दाग की तरह झुग्गी बस्तियां खड़ी हैं और इस तस्वीर में आपको शहर के अमीर और गरीब तबके का फर्क साफ नज़र आएगा।

मेक्सिको सिटी, मेक्सिको


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मेक्सिको सिटी की आबादी बहुत ज़्यादा है और इस शहर में लोग कई सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरण से जुड़ी समस्या से जूझ रहे हैं। ड्रोन से ली गई इस फोटो में आपको समृद्ध और कमज़ोर तबके के रहन-सहन का फर्क दिख रहा होगा।

दार अस सलाम , तनजानिया

 

इसे अफ्रीका के तेज़ी से विकसित होते हुए शहर के रूप में देखा जाता है। ड्रोन से लिए गए फोटो में साफ दिख रहा है कि कम आय वाले लोग किस तरह छोटी सी जगह में रहने को मजबूर हैं।

नैरोबी, केन्या

 

नैरोबी में भी अमीरी और गरीबी की खाई साफ नज़र आती है। यहां की सबसे बड़ी झुग्गी-झोपड़ी है किबेरा। जहां मिट्टी, लकड़ी और टिन से लोगों ने घर बनाए हैं। इस फोटो में एक तरफ साफ नज़र आ रहा है कि ट्रेन किस तरह लोगों के घर से बिल्कुल सट कर जा रही है और दूसरी तरफ अमीरों के लिए बना बड़ा गोल्फ क्लब है।

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