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मंगल मिशन के लिए 1.3 लाख से ज़्यादा भारतीयों ने कटाया टिकट

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11:30 am 13 Nov, 2017

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अंतरिक्ष में रुचि रखने वाले जिन भारतीय नागरिकों ने मंगल ग्रह की सैर करने के लिए नासा की इनसाइट (इंटिरियर एक्सपोरेशन यूजिंग सेस्मिक इवेस्टिगेशन, जियोडेसी एंड हीट ट्रांसपोर्ट) मिशन पर जाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था, उन्हें अब नासा मंगल ग्रह की सैर कराने की तैयारी कर रहा है। हालांकि, ये लोग खुद नहीं, बल्कि उनके नाम मंगल ग्रह की यात्रा करेंगे।

नासा के इस मिशन के लिए दुनियाभर से क़रीब 24 लाख 30 हजार लोगों ने आवेदन किया था, जिनमें से कुल एक लाख 38 हजार भारतीयों के आवेदन प्राप्त हुए थे, जिन्हें अगले साल नासा अपने ‘इनसाइट’ मिशन के तहत अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी के यान से इस लाल ग्रह पर भेजेगी।

इनसाइट मिशन के तहत आवेदन के लिहाज से भारत तीसरे नंबर पर रहा। सबसे ज्यादा अमेरिका के 6,76,773 लोगों ने आवेदन किया था, जिसके बाद चीन के 2,62,752 लोगों ने अपने नाम भेजे हैं।


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रिपोर्ट के मुताबिक जिन लोगों ने नाम भेजे थे उन्हें मिशन के लिए आनलाइन बोर्डिंग पास उपलब्ध कराया गया है। इन नामों को एक सिलिकॉन वेफर माइक्रोचिप पर एक इलेक्ट्रॉनिक बीम की मदद से उकेरा जाएगा। चिप पर लिखे गए अक्षर बाल के हजारवें हिस्से से भी पतले हैं। इसी चिप को अब मंगल पर भेजा जाएगा, जो हमेशा के लिए मंगल पर ही रह जाएगा।

इनसाइट मिशन के प्रमुख ब्रूस बेंड्रेट ने कहा कि मंगल अंतरिक्ष में रुचि रखने वाले सभी आयु के लोगों को रोमांचित करता है यह अभियान सभी आवेदकों को मंगल ग्रह का अध्ययन करने वाले अंतरिक्ष यान का हिस्सा बनने के लिए अवसर उपलब्ध कराएगा।

नासा का कहना है कि अमेरिका का पहले नंबर पर रहना कोई हैरानी की बात नहीं है, क्योंकि यह नासा का ही मिशन है, लेकिन भारत का तीसरे नंबर पर रहना महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों की मानें तो मंगलयान मिशन के बाद भारत के नागरिकों में (अंतरिक्ष को लेकर) उत्साह और रुचि पैदा हुई है। वे भारत और अमेरिका के बीच अंतरिक्ष क्षेत्र में बढ़ते सहयोग को भी इसकी मुख्य वजह बताते हैं।

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