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OMG! तो क्या इतिहास के पन्नों में दर्ज ये तथ्य झूठे हैं ?

3:28 pm 13 Sep, 2018

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स्कूल में आपने विज्ञान और इतिहास के बारे में अब तक काफी कुछ पढ़ा होगा। हम सभी को इस दुनिया से जुड़े कुछ ऐसे तथ्यों के बारे में पता है, जिसे अधिकांश लोग स्वीकारते हैं, लेकिन हमारे बीच कुछ ऐसे विचारक भी हैं जो अधिकतर लोगों द्वारा माने जाने वाले तथ्य को कॉन्सपिरेसी थ्योरी कहते हैं। हम आपको जिन ऐतिहासिक और वैज्ञानिक तथ्यों के बारे में बताने जा रहे हैं, उसकी स्वीकार्यता पर इन विचारकों ने प्रश्न चिन्ह लगा दिया है।

चांद पर कभी गया ही नहीं था नील आर्मस्ट्रॉन्ग

20 जुलाई, 1969 का दिन विज्ञान के लिहाज से मानव इतिहास का सबसे खास दिन माना जाता है । इस दिन अमेरिका के नील आर्मस्ट्रांग चांद पर कदम रखने वाले पहले इंसान बन गए थे, लेकिन कुछ लोग आज भी ये मानते हैं कि नील आर्मस्ट्रांग का चांद पर जाना अमेरिका की तरफ से छोड़ा गया मात्र एक शिगूफा था । यानी 1969 को सितारों भरी जमीं पर किसी के कदम पड़े ही नहीं थे। कुछ विशेषज्ञ आर्मस्ट्रांग के चंद्रमा पर कदम रखने को आज भी सिरे से नकारते हैं। दरअसल, अमेरिका से पहले ही रूस ने इंसान को अंतरिक्ष में भेज दिया था। इसलिए खुद को रूस से बड़ा साबित करने के लिए अमेरिका ने इंसान को चांद पर भेजने के स्वांग रचा डाला।

 

सुभाषचंद्र बोस की मृत्यु

सुभाष चंद्र बोस देश के उन स्वतंत्रता सेनानियों में शामिल रहे, जिन्होंने अपने क्रांतिकारी तेवर से ब्रिटिश सरकार को हिला कर रख दिया था। उनकी मौत को लेकर आज तक एक राय नहीं बन सकी है। कुछ इतिहासकारों का मानना है कि 1945 में हवाई दुर्घटना में नेता जी सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु नहीं हुई थी, बल्कि उन्होंने ब्रिटिश सरकार को झांसा देने के लिए  खुद अपनी मौत की खबर फैलाई थी।

 

तेजो महालय

हमारे देश के कुछ हिंदूवादी संगठन इस बात को आज भी नकारते हैं कि ताज महल को शाहजहां ने बनवाया था। उनका तर्क है कि ताजमहल को एक हिंदू राजा ने बनवाया था, जिसका असली नाम तेजो महालय है। इस थ्योरी को मानने वालों का कहना है कि इसे एक शिवालय के रूप में बनवाया गया था, लेकिन बाद में इसे मुगल शासकों ने अपने कब्जे में ले लिया।


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पृथ्वी गोल नहीं है

अब तक आपने यही सुना होगा की पृत्थी गोल है, लेकिन बहुत से विशेषज्ञ इस बात का सबूत देते रहे हैं कि धरती गोल नहीं बल्कि सपाट है। इस बात को मानने वालों ने अपनी एक अलग सोसाइटी बना रखी है। इस बात को साबित करने के लिए लोग अपने तर्क भी पेश करते रहे हैं।

 

9/11 की घटना

9/11 के दिन अमेरिका एक ऐसी घटना का गवाह बना, जिसके बारे में किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था। जो वर्ल्ड ट्रेड सेंटर अमेरिका की शान हुआ करता था, उसे आतंकवादियों ने ताश के पत्तों की तरह ढहा दिया था। हालांकि, बहुत से लोग इस घटना को अमेरिका द्वारा किया गया एक छलावा मानते हैं। इस थ्यूरी को मानने वालों का कहना है कि वर्ल्ड ट्रेड सेंटर जहाज के टकराने की वजह से नहीं,  बल्कि सिलसिलेवार धमाकों की वजह से पूरी तरह गिरा था।

 

 

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