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सरकार ने कई दवाओं पर बैन लगा दिया है, मेडिसिन लेने से पहले देख लें पूरी लिस्‍ट

12:53 pm 14 Sep, 2018

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जिस तरह की जीवनशैली लोगों ने अपना रखी है, कुछ न कुछ रोग सबको ग्रसित किए हुए है। ऐसे में दवाओं का सहारा बचता है। कुछ लोग डॉक्टर की सलाह से दवा लेते हैं तो वहीं कुछ लोग अपने मन से दवा खाने लगते हैं। ऐसे में वो अपनी जान जोखिम में डालते हैं। साथ ही विज्ञापनों के बाजार में दवा कंपनियां अपनी दवा को सीधे लोगों तक पहुंचाने लगी हैं।

 

 

ऐसे में सरकार ने तत्काल प्रभाव से 328 एफडीसी (फिक्स्ड डोज कांबिनेशन या निश्चित खुराक संयोजन) की दवाओं पर बैन कर दिया है।

 

 

ये ऐसी दवाएं हैं जो लोग मेडिसीन की दुकान से जाकर सीधे खरीद लेते हैं। ये दवाएं जल्दी आराम पाने के लिए अक्सर लोग इस्तेमाल करते हैं। सिर दर्द हो या फिर जुकाम, पेट की कोई समस्या हो तो लोग ऐसी दवा लेने में कोई कोताही नहीं करते। जाने-अनजाने लोग अपनी जिंदगी से खिलवाड़ करते हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सख्त कदम उठाते हुए इनके उत्पादन और वितरण पर रोक लगा दी है।


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ये कोई पहली दफा नहीं है जब सरकार ने दवाओं पर बैन लगाने जैसा कदम उठाया है। इससे पहले केंद्र सरकार ने 2016 के मार्च में औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 की धारा 26ए का इस्तेमाल करते हुए 344 एफडीसी के उत्पादन व वितरण को प्रतिबंधित कर दिया था। हालांकि, उस समय दवा बनाने वाली कंपनियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

 

 

जानकारी हो कि सरकार ने सेरिडॉन, डिकोल्ड, जिंटाप, सुमो, जीरोडॉल, फेंसिडील, विक्स एक्शन 500, कोरेक्स और ऐसे कई ऐंटीबायॉटिक्स, पेन किलर्स, शुगर और दिल के रोगों से संबंधित दवाओं पर रोक लगा दी है। बताया जा रहा है कि सरकार 500 और एफडीसी पर भी प्रतिबंध लगा सकती है। इस बार भी दवा के व्यवसाय से जुड़े लोग सरकार से रियायत की इच्छा जता सकते हैं।

 

स्वास्थ्य के मामले में संजीदा रहना जरूरी है और ऐसे-वैसे दवाओं से बच कर रहने की जरूरत है।

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