जीडीपी के लिहाज से ये हैं दुनिया के 10 सबसे अमीर और गरीब देश

6:00 pm 5 Jul, 2018

क्या आप जानते हैं कि किभी भी देश की अर्थव्यवस्था सबसे मजबूत कब होती है, या फिर यूं कहे कि किसी भी देश को सबसे दौलतमंद देश का खिताब कैसे मिलता है। जाहिर है हममें से ज्यादातर लोगों को यही लगता होगा कि जो देश आर्थिक रूप से सबसे ज्यादा समृद्ध हैं, वही सबसे अमीर होंगे। लेकिन ऐसा नहीं है। किसी भी देश की विकास दर का आकलन उसकी जीडीपी से होता है, उस देश में होने वाले उत्पादन और सेवाएं इस बात को तय करते है कि वहां की जीडीपी दर क्या है, जिससे उस देश की आर्थिक सेहत को मापा जाता है।

 

वैसे तो जीडीपी को मापना काफी जटिल है, लेकिन फिर भी हरेक देश की अर्थव्यवस्था को समझने के लिए सबसे सटीक पैमाना उस देश का सकल घरेलू उत्पाद यानी (जीडीपी) ही है। इसको मापने के दो तरीके हैं। पहला, आय के आधार पर, जिसमें प्रति व्यक्ति अर्जित की जा रही धन राशि देखी जाती है। दूसरा है व्यय विधि, जिसमें ये देखा जाता है कि देश में हुआ कुल खर्च आखिर कितना था।

 

 




वर्ल्ड बैंक की एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, आकार के लिहाज से देखा जाए तो अमेरिका और चीन दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं, जबकि किसी भी देश में रहने वाले लोगों की प्रति-व्यक्ति आय के आधार पर देखें तो लक्जेमबर्ग, स्विट्जरलैंड और मकाओ जैसे देश सबसे अमीर हैं, लेकिन अर्थशास्त्री इस आधार पर अर्थव्यवस्था की सेहत को नहीं जांचते। इसके लिए वो उस देश की खरीददारी क्षमता को देखते हैं, इसके साथ-साथ इस बात को भी समझा जाता है कि वहां नागरिकों की खरीददारी क्षमता में कितनी समानता है।

इस आधार पर दुनिया के सबसे अमीर देशों की एक सूची तैयार की गई है जिसमें कुल 10 देशों के नाम शामिल है। इसमें पहले तीन देशों में कतर, मकाओ, लक्जेमबर्ग है। उसके बाद सिंगापुर, दुबई और कुवैत के नाम आते हैं, जबकि अंतिम चार देशों में संयुक्त अरब अमीरात, नॉर्वे, आयर्लैंड और स्विटजरलैंड शामिल हैं।

 

वहीं, गहरी असमानता वाले 10 देशों की सूची इस प्रकार है। इसमें दक्षिण अफ्रीका, हैती और होंडुरस है। जबकि इनके बाद कोलंबिया, ब्राजील, पनामा, चिली और रवांडा, कोस्टा रिका और मेक्सिको के नाम आते हैं।