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सिर्फ भारत में ही नहीं, विदेशों में मौजूद हैं खूबसूरत हिन्दू मंदिर

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2:54 pm 2 Jul, 2018

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अध्यात्म ही भारतीय संस्कृति का आधार है। ईश्वर का दर्शन करके ही हम अपनी अंतर-आत्मा में सांस्कृतिक चेतना को जगा सकते हैं। इसलिए हमें देश भर में लाखों की संख्या में मंदिर मिल जाएंगे, जहां से अध्यात्म ज्ञान की ओर अग्रसर होकर भारतीय गुरुओं ने विश्व भर में भारतीय संस्कृति और हिन्दू धर्म का प्रचार और प्रसार किया। इसलिए भारत जगदगुरु भी कहलाया।

विदेशों में मौजूद खूबसूरत हिन्दू मंदिर।

हमारा हिन्दू धर्म, जिसमें संस्कारों एवं श्रेष्ठ विचारों की महत्ता है, उसके अनुयायी और मानने वाले केवल भारत में नहीं है अपितु विदेशों में भी है। विदेशों में आपको हिन्दू परम्परा के एक से एक प्रसिद्ध मंदिर देखने को मिल जाएंगे। इस आलेख में आज हम ऐसे हिन्दू मंदिर की बात करेंगे जो भारत से सुदूर विदेशी धरती पर अपनी आधायात्मिक दिव्‍यता के कारण प्रचलित हैं।

तनह लोट मंदिर, इंडोनेशिया

 

 

16वीं शताब्दी मे निर्मित तनह लोट मंदिर अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। भगवान विष्णु को समर्पित यह मंदिर इंडोनेशिया के बाली में एक विशाल समुद्री चट्टान पर बेहद खूबसरती से बना हुआ है।

 

अमेरिका का स्वामीनारायण हिन्दू मंदिर

 

 

अमेरिका के न्यू जर्सी प्रान्त में स्थित रॉबिंसविले में स्वामीनारायण संप्रदाय ने इस मंदिर का निर्माण करवाया।  162 एकड़ में फैला यह अमेरिका का सबसे बड़ा हिन्दू मंदिर है। 134 फीट लंबा और 87 फीट चौड़े इस मंदिर को बनाने में इटालियन संगमरमर  का इस्तेमाल काफी खूबसूरत तरीके से किया गया है। प्राचीन भारतीय संस्कृति को ध्यान में रख कर बनाए गए इस हिन्दू मंदिर की लागत लगभग 108 करोड़ रुपए है।

 

प्रमबनन मंदिर, इंडोनेशिया

 

 

इंडोनेशिया के जावा में स्थित प्रमबनन मंदिर परिसर की जो बात बेहद आकर्षित करती है, वह है उसकी विशालता। ब्रह्मा, विष्णु और महेश के तीन विशाल मंदिरों के शिखर मनमोहक हैं। किवदंतियों के अनुसार प्रमबनन मंदिर परिसर में कुल 999 मंदिर थे। हालांकि, वास्तुविदों के अनुसार केवल 240 मंदिरों के अस्तित्व के ही प्रमाण प्राप्त हैं। इन मंदिर में त्रिदेवों के साथ ही उनके वाहनों के भी मंदिर बने हुए हैं।


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अंगकोरवाट मंदिर, कंबोडिया

 

 

विश्व धरोहर के रूप से पहचाने जाने वाले अंगकोरवाट मंदिर को 12वीं शताब्दी में खमेर वंश से जुड़े सूर्यवर्मन द्वितीय नामक हिन्दू शासक ने बनवाया था। यह कंबोडिया के अंगकोर में है जिसका पुराना नाम ‘यशोधरपुर’ था। भगवान विष्णु को समर्पित यह विशाल हिन्दू मंदिर दुनिया का सबसे बड़ा पूजा-स्थल है। अंगकोर वाट की दीवारें रामायण और महाभारत की कहानियां कहती हैं।  सीताहरण, हनुमान का अशोक वाटिका में प्रवेश, अंगद प्रसंग, राम-रावण युद्ध, जैसे अनेक दृश्य बेहद बारीकी से उकेरे गए हैं।

 

श्री शिव-विष्णु मंदिर, ऑस्ट्रेलिया

 

 

श्री शिव-विष्णु मंदिर, ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया शहर में बना हुआ है। भगवान शिव और विष्णु के इस मंदिर को 1994 में यहां के एक संस्थान ‘हिंदू सोसाइटी ऑफ विक्टोरिया’ ने बनवाया था। मंदिर के उद्घाटन कांचीपुरम और श्रीलंका से दस पुजारियों ने पूजा करके किया था। इस मंदिर की वास्तुकला हिन्दू और ऑस्ट्रेलियाई परंपराओं का अच्छा उदाहरण है। मंदिर परिसर के अंदर भगवान शिव और विष्णु के साथ-साथ अन्य हिंदू देवी-देवताओं की भी पूजा-अर्चना की जाती है।

 

अरुल्मिगु श्रीराजा कलिअम्मन मंदिर- जोहोर बरु, मलेशिया

 

 

जोहोर बरु के सबसे पुराने मंदिरों में से अरुल्मिगु श्रीराजा कलिअम्मन मंदिर का निर्माण वर्ष 1922 के आस-पास किया गया था। जिस भूमि पर यह मंदिर बना हुआ है, वह भूमि जोहोर बरु के सुल्तान द्वारा भेंट के रूप में भारतीयों को प्रदान की गई थी। कुछ समय पहले तक यह मंदिर बहुत ही छोटा था, लेकिन आज यह एक भव्य मंदिर बन चुका है। मंदिर के गर्भ गृह में लगभग 3,00,000 मोतियों को दीवार पर चिपकाकर सजावट की गई है।

 

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