Advertisement

भारत का इकलौता मंदिर जहां एक मुस्लिम महिला को देवी के रूप में पूजा जाता है

author image
3:31 pm 20 Sep, 2017

Advertisement

भारत धर्म, भक्ति, अध्यात्म और साधना का देश है। यहां प्राचीन काल से पूजा-स्थल के रूप में मंदिरों का विशेष स्थान है। आध्यात्मिक कहे जाने वाले इस देश में अनगिनत मंदिर हैं, जिनमें से कई का विशिष्ट महत्व है। ऐसे ही मंदिरों में से एक है डोला माता मंदिर।

अहमदाबाद से करीब 40 कीलोमीटर दूर झूलासन नाम के गांव में स्थित यह मंदिर अपने आप में अद्भूत है। खास बात यह है कि यहां एक मुस्लिम महिला को देवी के रूप में पूजा जाता है।

ऐसी मान्यता है कि करीब 250 साल पहले इस गांव पर कुछ लुटेरों ने अपना तांडव मचा रखा था। गांव के लोग दहशत में जी रहे थे। ऐसे में डोला नाम की एक महिला ने लुटेरों को ललकारा और इसी लड़ाई में उन्होंने अपने प्राण न्योछावर कर दिए।

माना जाता है कि महिला की मृत्यु के पश्चात उनका शरीर फूल में परिवर्तित हो गया था। यह गांववालों के लिए अचंभित करने वाली घटना थी ।

जहां डोला ने अन्तिम सांस ली, वहां गांववालों ने मंदिर का निर्माण करवाया और उनके साहस को सम्मान देते हुए उन्हें देवी की तरह पूजने लगे। इस मंदिर के निर्माण में ग्रामीणों ने चार करोड़ रुपए जुटाए।


Advertisement
हालांकि, बेहद ही खूबसूरत इस मंदिर में डोला माता की कोई मूर्ति नहीं है। यहां एक पत्थर के यंत्र की पूजा होती है, जो साड़ी से ढका हुआ होता है। इसे ही देवी के रूप में पूजा जाता है। सबसे ख़ास बात ये है कि इस गांव में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं रहता है। हिंदुओं में इस मंदिर के प्रति असीम श्रधा है। नवरात्रि के मौके पर यहां काफी भीड़ होती है। यहां हिंदू ही नहीं, आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में मुस्लिम भी आते हैं। उनका मानना है कि सच्चे मन से अगर कुछ मांगों तो उनकी मुराद यहां आकर पूरी हो जाती है।

वहीं जिस जगह यह मंदिर स्थित है, उसको एक और बात खास बनाती है। झूलासन गांव का अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स से गहरा नाता है। यह उनका पैतृक गांव है। यह गाँव उस वक्त सुर्ख़ियों में छाया रहा जब सुनीता ने खुद इस मंदिर में आकर पूजा-अर्चना की थी। जब सुनीता अंतरिक्ष यात्रा पर गई थीं, तब गांववालों ने उनकी कुशल कामना के लिए अखंड ज्योति भी जलाई थी, जो उनके वापस आने तक करीब 4 महीने तक जलती रही थी।

वहीं, यह मंदिर डॉलर माता मंदिर के रूप में भी जाना जाता है। 7 से 8 हजार की आबादी वाले इस गांव के करीब 1500 लोग अमेरिका में बसे हुए हैं। ऐसा माना जाता है जो लोग विदेश में बसने की कामना लेकर मां के पास आते हैं, मां उनकी मुरादों को पूरा करती हैं।

Advertisement


  • Advertisement