फुटबॉल विश्वकप से पहले रूस में 20 लाख स्ट्रीट डॉग और बिल्लियों को मारने का आदेश

4:44 pm 9 Jun, 2018

फुटबॉल विश्वकप यानी रोमांच। इसकी दीवानगी दुनियाभर के लोगों को अपनी आगोश में भर लेती है। हर बार की तरह इस बार भी खेल प्रेमियों की निगाहें 2018 में होने वाले फुटबॉल के महाकुंभ पर टिकी हुईं है। फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था फीफा हर चार साल में इस महामुकाबले का आयोजन करती है, जिसको देखने के लिए दुनिया के कोने कोने से खेल प्रेमियों का सैलाब उमड़ता है।

 

 

इस बार रूस ने दुनियाभर के देशों की उम्मीदें तोड़ते हुए फुटबॉल विश्वकप  2018 की कमान संभाली है। फुटबॉल के इस महा-मुकाबले के शुरू होने में अब बस कुछ ही दिनों का वक्त बाकी है, जिसे देखते हुए रूस अपनी तैयारियों में किसी तरह की कसर नहीं छोड़ना चाहता। 14 जून से 15 जुलाई तक खेले जाने वाले इस टूर्नामेंट के मुकाबले रूस के 11 शहरों में होने है। ऐसे में खिलाड़ियों की सुरक्षा से लेकर शहरों की साफ सफाई तक का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

 

 

लेकिन इस बीच विश्वकप मुकाबलों से पहले वहां की सरकार ने एक ऐसा कदम उठाया है जिसके कारण वो विवादों में घिरती नजर आ रही है। खबर है कि विश्वकप शुरू होने से पहले वहां के 11 शहरों में 20 लाख स्ट्रीट डॉग्स और बिल्लियों को मारने का आदेश जारी कर दिया गया है।

इस काम के लिए वहां की एक निजी कंपनी को 19.5 लाख डॉलर यानी करीब 13 करोड़ रुपए दिए गए है। सड़कों पर घूम रहे कुत्ते और बिल्लियों का सफाया उन 11 शहरों में किया जाना है, जहां विश्व कप के फुटबॉल मैच होने हैं।




 

 

वहीं, जानवरों के अधाकारों के लिए काम करने वाली एनजी ओजका कहना है कि सिर्फ एक फुटबॉल विश्वकप के लिए इतनी बड़ी संख्या में जानवरों का कत्लेआम करना जायज नहीं है।

इस मामले को तूल पकड़ता देख रूस के उप प्रधानमंत्री को दखल देना पड़ा। इस संबंध में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि जानवरों को मारने के बजाय उन्हें शेल्टर्स में रखा जाएगा और टूर्नामेंट के समापन के बाद उन्हें रिहा कर दिया जाएगा, लेकिन संगठनों का आरोप है कि उप प्रधानमंत्री के आश्वासन के बाद भी रूस के इन शहरों में बड़ी तादाद में जानवरों को मारा जा रहा है।

 

 

सवाल है कि क्या ये बेजुबान जानवर फुटबॉल विश्वकप के लिए कोई खतरा है, और अगर नहीं तो फिर इनको इस तरह मारना कहां तक सही है?



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