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बॉटुलिज्म बैक्टीरिया जिसने एक साथ कई मौतों से हिला दिया था स्कॉटलैंड को

1:35 pm 16 Jul, 2018

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आपने कई तरह के बैक्टीरिया के बारे में पढ़ा और सुना होगा, लेकिन बैसिलस बॉटुलिनस नामक बैक्टीरिया के बारे में शायद ही आपने कभी सुना होगा। बॉटुलिज्म बैक्टीरिया के नाम से जाना जाने वाला यह बहुत ही खतरनाक और जानलेवा बैक्टीरिया है और अक्सर डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ में पाया जाता है। इस बैक्टीरिया से संक्रमित खाद्य पदार्थ खाने खाने से व्यक्ति की मौत जाती है। इस जानलेवा बैक्टीरिया ने स्कॉटलैंड में एक साथ कई लोगों की जान ले ली थी।

 

जानिए क्या है बॉटुलिज्म बैक्टीरिया

 

 

ये मामला 1922 का है, जब गर्मियों के मौसम में स्कॉटलैंड के मशहूर होटल में बॉटुलिज्म बैक्टीरिया (बॉटुलिनस बैक्टीरिया से होने वाली गंभीर बीमारी) का चौंकाने वाला मामला सामने आया। इस मशहूर होटल में अगस्त महीने में करीब 32 लोगों का समूह छुट्टियां मनाने आया था। वो लोग मछली पकड़ने के लिए बाहर जाने वाले थे, ऐस में उनके साथ होटल के 13 कर्मचारी भी जा रहे थे। होटल के कर्मचारियों ने सबके लिए लंच पैक किया। लंच ब्रेक के दौरान सबने पैक किया हुआ लंच खाया और इसके कुछ दिनों बाद ही इसमें से 8 लोगों की मौत फूड पॉइज़निंग की वजह हो गई। इस वाकये से पूरा स्कॉटलैंड स्तब्ध रह गया।

दरअसल, होटल का लंच खाने के बाद ही कुछ लोग तुरंत बीमार हो गए, किसी को दर्द की शिकायत होने लगी तो किसी को दिखाई देना बंद हो गया था। इस केस को देखकर डॉक्टर तक हैरान रह गए थे, मगर उन्हें बड़ा झटका तो तब लगा जब बीमार लोग एक के बाद एक मरने लगे।

क्या या लोगों की मारने की सोची-समझी रणनीति थी किसी ने उन्हें जानबूझकर जहर दिया? किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था। जांच के लिए पुलिस बुलाई गई। जिस होटल में वे लोग ठहरे थे उसकी तलाशी ली गई, मालिक और कर्मचारियों से घंटों पूछताछ हुई, मगर उन 8 लोगों के मरने का कोई कारण समझ नहीं आया।


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एक विशेषज्ञ चिकित्सक ने कहा कि मौत का कारण फूड पॉइज़निंग है। फिर भी इस केस की जांच जारी रही और जांच टीम ने होटल के कचरे के डिब्बे को तलाशा जहां मरने वालों द्वारा खाए गए खाने के पैकेट फेंके गए थे, हालांकि उसमें बहुत कुछ नहीं मिला, लेकिन जो टुकड़े मिले उसकी जांच में एक खातक बैक्टीरिया बैसिलस बॉटुलिनस होने की बात सामने आई।

ये बैक्टीरिया कैन्ड डक पेस्ट (डक के लिवर से बना खास पदार्थ) में था और मरने वाले 8 लोगों ने डक पेस्ट सैंडविच खाया था। हालांकि, बाकी लोगों ने भी वही चीज़ खाई थी, मगर डक पेस्ट के एक जार में ही घातक बैक्टीरिया था। ये बैक्टीरिया सबसे पहले 18वीं सदी में जर्मनी में सामने आया था।

 

 

1922 में स्कॉटलैंड में हुए इस हादसे के बाद इस सिलसिले में रिसर्च की गई, ताकि इस गंभीर बीमारी का सही इलाज खोजा जा सके। साथ ही होम मेड कैन्ड फूड के लिए कानूनी मापदंड भी तैयार किए गए, क्योंकि जिस खातक बैक्टीरिया से लोगों की मौत हुई थी वो होममेड कैन्ड डक पेस्ट में ही था।

बॉटुलिज़्म नामक बैक्टीरिया कई खाद्य पदार्थों को दोबारा गर्म करने से भी उत्पन्न हो सकता है,  इसलिए हमेशा ताज़ा खाना ही खाएं।

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