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जिन्हें राष्ट्रगान पर खड़े होने में शर्म आती है उन्हें ये विडियो देखना चाहिए, गौरवशाली क्षण

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7:45 pm 14 Jul, 2018

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रनर हिमा दास द्वारा वर्ल्ड अंडर 20 चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने के बाद हर तरफ से उन्हें बधाई संदेश मिल रहे हैं। राजनेता, क्रिकेटर, ऐक्टर्स सब उनकी तारीफ कर रहे हैं। हिमा की इस अंतरराष्ट्रीय कामयाबी के बाद देश से लेकर दुनियाभर में उनके नाम की चर्चा हो रही है। हिमा दास का नाम गूगल में सबसे ऊपर ट्रेंड कर रहा है।

 

 

किसान की बेटी हिमा दास आईएएएफ वर्ल्ड अंडर -20 एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में जीत हासिल करने के साथ ही महिला और पुरूष दोनों वर्गों में ट्रैक स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनी। हिमा ने राटिना स्टेडियम में खेले गए फाइनल में 51.46 सेकेंड का समय निकालते हुए 400 मीटर की रेस में जीत हासिल की।

 

 

वो अपनी इस कामयाबी के मोल को जानती हैं। उनके पिता रंजीत दास के पास दो बीघा जमीन है। उनकी मां जुनाली गृहणी हैं। जमीन का यह छोटा सा टुकडा ही छह सदस्यों के परिवार की आजीविका का साधन है। हीमा की दो छोटी बहनें और एक भाई है। वो चार भाई बहनों में सबसे बड़ी हैं। उनके माता पिता की जिंदगी संघर्षों से भरी रही है, लेकिन उनकी इस बेटी ने जो परचम लहराया है, उससे पूरे विश्व में उनका नाम रौशन हुआ है।

 

हिमा दास के पिता रंजीत दास twitter

 

इन सबके बीच हिमा का एक विडियो वायरल हो रहा है। इसमें जब हिमा को स्वर्ण पदक दिए जाने के बाद राष्ट्रगान बजाया गया तो हिमा की आंखें छलक आईं। ये उनके लिए गौरवान्वित क्षण था।

 

 

इस पर तमाम लोगों ने ट्वीट किया। भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर ने भी हिमा दास की इस विडियो को शेयर करते हुए ट्वीट किया और लिखा-

 

 

इस विडियो को खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी ट्वीट किया और लिखा-

 

“हिमा दास की जीत से अविस्मरणीय क्षण। जीतने के तुरंत बाद तिरंगे को जुनूनी रूप से खोजते हुए देखना और राष्ट्रगान गाते हुए उसका भावुक होना मुझे अंदर तक छू गया। मैं बेहद भावुक हो गया। इसे देख किस भारतीय को खुशी के आंसू नहीं आएंगे!”

 

 

राष्ट्रगान के दौरान हिमा की आंखों से आंसू क्यों छलक आए इसको लेकर जब उनसे सवाल किया गया तब हिमा ने कहा-

 

“मैं हमेशा से चाहती थी कि पूरी दुनिया के सामने भारत का राष्ट्रगान बजे और ऐसा हुआ, जिसकी वजह से मैं भावुक हो गई और रोने लगी। देश के लिए मेडल जीतना बहुत बड़ी उपलब्धि है और इसलिए मैं इस वक्त बहुत खुश हूं। मैं भारत के लोगों को यह तोहफा देते हुए बहुत गर्व महसूस कर रही हूं। मैं अपने पैरेंट्स और कोच को धन्यवाद करा चाहती हूं। मैं मेडल्स के पीछे नहीं भागती हूं, मैं समय के पीछे भागती हूं। मैं एशियन गेम्स में भी अपना अच्छा करना चाहती हूं।”

 

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