सदियों पहले धरती पर हमारे साथ ही रहा करते थे एलियंस, भारत में भी मिले सबूत

1:48 pm 28 Jun, 2018

एलियंस के वजूद को लेकर हमारे मन में हमेशा से ही उत्सुकता रही है। एक अरसे से इनके अस्तित्व को तलाशने की खोज चल रही है, लेकिन विज्ञान आज भी एलियंस के जीवन को पूरी तरह समझ नहीं सका है। दूसरे ग्रहों पर रह रहे लोगों के बारे में हमारी जानकारी अब भी सीमित ही है। ब्रह्मांड के इतिहास में छिपे कई ऐसे रहस्य हैं, जिनसे अभी भी पर्दा नहीं उठ सका है। विज्ञान आज भी इस बात से अनजान है कि क्या पृथ्वी के अलावा कोई और भी ग्रह हैं, जहां दूसरी दुनिया के लोग रहते हैं।

 

 

भले ही ब्रह्मांड में एलियंस को लेकर हो रहे शोध और खोज में विज्ञान को अब तक कोई विश्वसनीय तथ्य न मिला हो, लेकिन वैज्ञानिकों ने पृथ्वी पर उनके होने के सबूत खोज लिए है। एलियंस के अस्तित्व को तलाश रहे वैज्ञानिकों ने अब एक ऐसी दिलचस्प खोज की है जिसे जानकर खुद खोजी दल भी हैरत में पड़ गया है। कुछ समय पहले पृथ्वी पर कुछ ऐसे साक्ष्य मिले, जिससे इस बात की पुष्टि हुई है कि एलियंस कभी हमारे साथ इसी धरती पर ही रहा करते थे।

 

 

हाल ही में डेनमार्क के शोधकर्ताओं को सीलैंड आईलैंड के समीप एक सीवर लाइन के पास 800 साल पुरानी खोपड़ी मिली है, जो लगभग 100 साल से पाइप लाइन में ही पड़ी थी। शोधकर्ताओं का दावा है कि खोपड़ी का साइज किसी आम इंसान जितना नहीं है।

इसके अलावा कंकाल के मुंह का नक्शा भी इंसानों से मेल नहीं खाता। ऐसे में वैज्ञानिकों का मानना है कि ये एक ऐलियन ही हो सकता है। अब तक वैज्ञानिक इस बात की पुष्टि नहीं कर पाए हैं कि आखिर खोपड़ी यहां कैसे आई।




 

 

भारत के छत्तीसगढ़ में भी एलियंस के आने के प्रमाण मिले हैं। खुदाई के दौरान करीब 2600 साल पुरानी पकाई हुई मिट्टी के पुतले पाए गए हैं। जो इस बात के गवाह है कि किसी समय भारत में भी एलियंस रहा करते थे। भारत में एलियंस की मौजूदगी से जुड़े ये साक्ष्य विश्वभर में मिले अन्य सबूतों से मेल खाते हैं।

 

 

भारत के खोजी दल ने दावा किया है कि छत्तीसगढ़ के कांकेर में दस हजार साल पहले एलियंस और उड़न तश्तरी देखी गई थी। कुछ गुफाओं में ऐसे भित्तिचित्र देखे गए हैं, जो हजारों साल पुराने हैं। इस शैलचित्रों के आधार पर अनुमान जताया गया है कि किसी समय भारत के इस हिस्से में दूसरे ग्रहों के प्रवासी आए होंगे।