इन 4 फिल्मों को गलती से भी परिवार के साथ बैठकर न देखें, गजब हो सकता है

5:43 pm 4 May, 2018

साल में सैंकड़ों बोल्ड फ़िल्में बनती हैं और प्रदर्शित भी होती हैं। चूंकि फिल्म एक उद्योग है और इसीलिए बॉलीवुड फिल्मकार अपनी फिल्मों में ऐसा मसाला डालने की सोचते हैं जिससे ये जबर्दस्त व्यापार करें।

बॉलीवुड में बोल्ड फ़िल्में

 

यह अलग बात है कि फिल्म कारोबार से अधिक एक कला है और इसे ही केंद्र में रखा जाना चाहिए। बाजार की मांग को देखते हुए कला की बलि नहीं दी जानी चाहिए। हालांकि, सब कुछ किसी एक व्यक्ति के हाथ में नहीं होता लिहाजा कुछ ऐसी फ़िल्में बन जाती हैं जो सेंसर बोर्ड को भी सरदर्द दे देती हैं।

 

बॉलीवुड में बोल्ड फ़िल्में बनती रही हैं, लेकिन हम यहां कुछ ऐसी फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आप परिवार के साथ देखने की जहमत नहीं करेंगे। ये फिल्में वैसे तो भारत में प्रतिबंधित हैं, लेकिन यूट्यूब पर उपलब्ध हैं। आप चाहें तो देख सकते हैं।

ये रही वो 4 फ़िल्में, जिन्हें आपको अकेले ही देखना होगा। ये परिवार के साथ बैठकर देखने लायक नहीं हैं।

 

अनफ्रीडम

 

यह फिल्म दो लड़कियों के संबंध पर आधारित है, जिस पर सेंसर बोर्ड ने रोक लगा रखी है। राज अमित कुमार के डायरेक्शन में बनी यह फिल्म 2015 में रिलीज होनी थी, लेकिन इसे रोक दिया गया। इस फिल्म को आप परिवार के साथ तो क्या, किसी अन्य व्यक्ति के साथ भी बैठकर नहीं देख सकते हैं। भीषण बोल्ड किस्म की फिल्म है यह।

बैंडिट क्वीन

 

 

यह फिल्म खासी चर्चित हुई थी और आज भी मिसालें दी जाती हैं। यह एक ऐसी औरत की कहानी है जो लगातार बलात्कार की शिकार होकर अंततः डाकू बन जाती है। हादसों से आहत महिला फूलन देवी के रूप में चंबल घाटी में कुख्यात हो जाती है। यह अकेले देखने योग्य एक महत्वपूर्ण फिल्म है।

कामसूत्र 3डी

 

 

साल 2013 में रिलीज को तैयार यह फिल्म यूट्यूब तक ही सिमट गई। रुपेश पॉल निर्देशित इस फिल्म में कामुक दृश्य की भरमार है। लिहाजा सेंसर बोर्ड ने इसे रिलीज करने की अनुमति नहीं दी।

उर्फ प्रोफेसर

 

 

इस फिल्म को पंकज आडवानी ने बनाया था और फिल्म में फेमस एक्टर शरमन जोशी के अतिरिक्त मनोज पहवा और अंतरा माली ने भी अभिनय किया था। साल 2001 में इसे सेंसर बोर्ड ने परदे पर लाने की अनुमति नहीं दी।

इन फिल्मों को परदे पर तो नहीं, यूट्यूब पर आप चुपके से देख सकते हैं। ख्याल रहे कोई देख न ले!