जाकिर नाईक के NGO ने वर्ष 2011 में राजीव गांधी फाउन्डेशन को दिया था 50 लाख रुपए का चंदा

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1:22 pm 10 Sep, 2016


विवादित इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाईक के NGO इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (IRF) ने दावा किया है कि इस संगठन ने वर्ष 2011 में राजीव गांधी फाउंडेशन (RGF) को 50 लाख रुपए का चंदा दिया था। वहीं, दूसरी तरफ राजीव गांधी फाउंडेशन ने अपने बचाव में कहा है कि यह चंदा उन्हें नहीं बल्कि उनके साथी संगठन राजीव गांधी चैरीटेबल ट्रस्ट (RGCT) को दिया गया था।

साथ ही RGF ने दावा किया है कि ये पैसे कुछ महीने पहले इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन को लौटा दिया गया था। जबकि, जाकिर नाईक के इस NGO का कहना है कि उन्हें पैसे अबतक वापस भी नहीं मिले हैं।

इस रिपोर्ट में इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के प्रवक्ता से हवाले से बताया गया हैः

“हम लोगों ने RGF को 2011 में 50 लाख रुपए दिए थे। हम लोग RGF जैसे कई एनजीओ को पैसा देते हैं जो लड़कियों को पढ़ाने का काम करते हैं। ये पैसा मेडिकल, सर्जरी जैसी पढ़ाई करने वाली लड़कियों के लिए होता है।”


इस्लामी आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोपों से जूझ रहे इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन का अगर यह आरोप साबित हो जाता है तो इसे कांग्रेस पार्टी के लिए बुरी खबर कही जाएगी।

दरअसल, राजीव गांधी चैरीटेबल ट्रस्ट (RGCT) को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उनके बच्चे राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा द्वारा बनाया गया था। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी इस संगठन से जुड़े हुए हैं। ये सभी लोग राजीव गांधी फाउंडेशन (RGF) के ट्रस्टी भी हैं।

पिछले दिनों केन्द्र सरकार ने जाकिर नाईक के एनजीओ इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (IRF) को मिलने वाली फंडिंग की जांच के आदेश दे दिए थे। जाकिर नाईक के संगठन के द्वारा राजीव गांधी फाउंडेशन को चंदा दिए जाने की जानकारी इसी जांच में सामने आई है।

ढाका में हुए आतंकवादी हमले के बाद जाकिर नाईक पर आरोप लगते रहे हैं कि उसकी तकरीरों से प्रभावित होकर इस्लामिक युवा आतंकवाद की राह पर आगे बढ़ रहे हैं।

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