यहां बन रहा है दुनिया का सबसे विशाल ‘राम’ मंदिर; 10 साल में हो जाएगा तैयार

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5:51 pm 28 Jan, 2016

दुनिया भर में भगवान विष्णु और उनके अवतार मर्यादा पुरुषोत्तम राम के सैकड़ों मंदिर हैं। निश्चित रूप से हर मंदिर में विष्णु-तत्व का वास अवश्य होता है, लेकिन ‘भौतिकता’ प्रधान युग में मंदिर के ‘आकार’ और ‘भव्यता’ को भी पर्याप्त तरजीह दी जाती है।

अयोध्या में भगवान राम मंदिर कब और कैसे बनेगा, इस पर संशय है लेकिन हम आपको भगवान राम के ही ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जो करीब 10 साल बाद बन कर तैयार होगा। यह ‘भव्यता’ और क्षेत्रफल में सबसे बड़े मंदिर के रूप में जाना जाएगा। यह विराट रामायण मंदिर बिहार के वैशाली जिले में गंगा नदी के किनारे बनाया जा रहा है।

कंबोडिया के ‘अंकोरवाट’ मंदिर की प्रतिकृति

यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कंबोडिया स्थित ‘अंकोरवाट’ का विष्णु मंदिर फिलहाल संसार का सबसे विशाल मंदिर है। इस मंदिर का निर्माण बारहवीं शताब्दी में महाराज सूर्यवर्मा द्वितीय के कार्यकाल में कराया गया। कंबोडिया के लिए अंकोरवाट मंदिर कितना महत्व रखता हैं, इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं की कम्बोडिया के राष्ट्र ध्वज में मंदिर को स्थान मिला हुआ है। अंकोरवाट का विष्णु मंदिर अपनी प्राचीनता के साथ-साथ चोल काल की दक्षिण भारतीय शैली के लिए खासा प्रसिद्द है।

बिहार में बनाए जा रहे विराट रामायण मंदिर की स्थापत्य,वास्तु,शिल्प शैली अंकोरवाट मंदिर की हूबहू प्रतिकृति होगी। हालांकि, यह उससे कहीं ज्यादा भव्य और आलीशान होगा। इसका मुख्य शिखर 222 फिट ऊंचा होगा, जो अपने-आप में एक रिकॉर्ड है। प्रस्तावित विराट रामायण मंदिर की लंबाई करीब 2800 फुट,चौड़ाई 1400 फुट और ऊंचाई तकरीबन 400 फुट होगी। मुख्य मंदिर 72 फुट की ऊंचाई पर होगा, जहां एक साथ 25 हजार से अधिक श्रद्धालु बैठ कर प्रभु श्रीराम की आराधना कर सकेंगे।

रामायण काल को जीवंत कर देगा मंदिर


मंदिर में प्रमुख रूप से भगवान् राम और जानकी जी की मूर्तियां होंगी। इसके अलावा अतुलित बलशाली बजरंग बली, महर्षि वाल्मीकि और प्रभु के आत्मजों लव और कुश की मूर्तियां भी लगायी जाएंगी। 15 एकड़ के विशाल मंदिर परिसर में करीब 18 मंदिर होंगे, जिनमें विभिन्न हिन्दू देवताओं, भगवान विष्णु, सूर्य, शिव और गणेश सहित अन्य देवों की मूर्तियां भी लगायी जा रही हैं। यह मंदिर पूरी तरह से राम और रामायण काल को जीवंत कर देगा।

यहां सम्पूर्ण रामायण का इलेक्ट्रॉनिक चित्रण किया जाएगा, जिसमें ऐतिहासिक रामसेतु का निर्माण, लंका दहन, भगवान का वन-वास और रावण वध इत्यादि घटनाओं के दृश्य दिखाए जाएंगे। इसके अलावा यहां दुनिया के सबसे विशाल शिवलिंग को भी स्थापित करने की योजना है।

आम जनता के सहयोग से बन रहा है मंदिर

लगभग 500 करोड़ की लागत से बनने वाला रामायण मंदिर पहला ऐसा ‘विशालकाय’ मंदिर होगा, जिसे किसी धन-कुबेर या सरकार द्वारा नहीं, बल्कि आम जनता के सहयोग से बनवाया जा रहा है।

महावीर मंदिर न्यास के तत्वावधान में निर्मित होने वाले मंदिर में आप एक वर्गफुट के निर्माण के लिए 7707 रूपये के गुणक में दान दे सकते हैं। इसके पीछे यह तर्क है की पुराकाल में यहां वैशाली गणराज्य में करीब 7707 राजा थे, जिनकी स्मृति में इस दानराशि को महत्वपूर्ण बनाया गया। इस दान के लिए मंदिर ट्रस्ट द्वारा आपको प्रमाण पत्र दिया जाएगा। 15 फुट से अधिक दान देने वाले भक्तों के योगदान को मंदिर परिसर के किसी स्तंभ में उत्कीर्ण भी किया जाएगा। सहयोग राशि के लिए इलाहाबाद बैंक ने अपने विशेष कूपन भी जारी किए हैं, जिसमें निर्दिष्टित मूल्यों के आधार पर ही दान स्वीकृत माना जाएगा।

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