नालंदा विश्वविद्यालय को मिला वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा

author image
12:31 pm 16 Jul, 2016


विश्व प्रसिद्ध नालंदा विश्वविद्यालय को संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) द्वारा वर्ल्ड हेरिटेज साइट यानि कि विश्व धरोहर घोषित कर दिया गया है।

विश्व धरोहर में शामिल होने के बाद इस स्थान का विश्वस्तरीय विकास साथ ही सुविधाएं विकसित होंगी। यहां आने वाले सैलानियों की संख्या भी बढ़ेगी।

भारत के संस्कृति मंत्रालय ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी:

‘बधाई.. नालंदा महाविहार का पुरातत्व स्थल अब विश्व धरोहर स्थल बना। धन्यवाद यूनेस्को, इरिना बोकोवा।’

इरिना बोकोवा यूनेस्को की एशिया क्षेत्र की महानिदेशक हैं।


बिहार स्थित नालंदा विश्वविद्यालय वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल होने वाला बिहार का दूसरा और भारत का 26वां है। 2015 में ही नालंदा विश्वविद्यालय को विश्व धरोहर में शामिल करने की कवायद शुरू हो गई थी।

इंटरनेशनल काउंसिल ऑन मॉन्यूमेंट एंड साइट्स (आईकोमस) के एक्सपर्टस प्रोफेसर मसाया-मसूई के नेतृत्व में यहां एक जांच दल आया था, जिसने यहां के पुरातात्विक एवं ऐतिहासिक स्थलों का निरीक्षण किया था। नालंदा खंडहर से जुड़े व्यक्तियों व समूहों के साथ बैठक कर इसके विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की थी।

इसके विश्व शरोहर में शामिल होने का संकेत उसी वक्त मिल गया था, जब जाते-जाते प्रोफेसर मसूई ने कहा था कि इस ऐतिहासिक स्थान के विकास की अपार संभावना है।

नालंदा विश्वविद्यालय के इतिहास के पन्नों को खंगालें तो, इतिहासकारों के मुताबिक, करीबन 780 साल तक पहले ये जगह अपार ज्ञान का भण्डार हुआ करती थी। उस वक्त दर्शन, चिकित्सा, बौद्ध धर्म,गणित, वास्तु, धातु और अंतरिक्ष विज्ञान की शिक्षा का यह महत्वपूर्ण केन्द्र माना जाता था।

वहीं, UNESCO द्वारा जारी की गई इस सूची में चीन, ईरान और माइक्रोनेशिया के तीन नए स्थलों को भी स्थान दिया गया है।

चीन के जुओजिअंग हुआसन रॉक आर्ट कल्चर लैंड स्केप, ईरान के पर्शियन कनाट और फेडरल स्टेट ऑफ माइक्रोनेशिया के सेरिमोनियल सेंटर ऑफ इस्टर्न माइक्रोनेशिया को विश्व धरोहर में शामिल किया है।

Popular on the Web

Discussions



  • Viral Stories

TY News