क्या आपको पता है कि भारत में कैसे मिलता है पाकिस्तानियों को वीजा ?

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11:37 am 19 May, 2017

हाल ही में मुंबई शहर में 26 पाकिस्तानी नागरिकों के लापता होने की खबर वायरल हुई थी। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बाद में जांच एजेन्सियों ने मुंबई आए एक-एक पाकिस्तानी नागरिकों का रिकॉर्ड निकाल कर खंगाला। इस खबर को मॉक ड्रिल के रूप में लिया गया तथा सभी स्तर पर जांच के बाद एजेन्सियों ने राहत की सांस ली है। अधिकारी बताते हैं कि वीजा लेकर मुंबई आने वाले पाकिस्तानी नागरिकों का लापता होना आसान नहीं है, क्योंकि इसके डॉक्युमेन्टेशन की प्रक्रिया कई चरणों से होकर गुजरती है।


बताया गया है कि महाराष्ट्र में करीब 200 पाकिस्तानी नागरिक लंबे समय से रह रहे हैं। इनमें अधिकतर संख्या उन महिलाओं की है जो भारतीय पुरुष से शादी करके यहां रह रहीं हैं। इन महिलाओं को लंबे समय के लिए वीजा दिया जाता है, जिसे समय-समय पर बढ़ा दिया जाता है। साथ ही यहां आकर इलाज कराने वाले पाकिस्तानियों की संख्या भी अच्छी-खासी है।

कैसे मिलता है पाकिस्तानियों को वीजा ?

  1. पाकिस्तानी नागरिकों को वीजा भारतीय दूतावास जारी करता है।
  2. 2 गारंटर्स जरूरी होते हैं। फॉर्म में गारंटर्स का नाम और पता देना होता है।
  3. इन गारंटर्स की पुलिस वेरिफिकेशन होती है।
  4. पुलिस रिपोर्ट के आने के बाद ही पाकिस्तानी नागरिकों को मुंबई में आने की इजाजत होती है।
  5. मुंबई एयरपोर्ट पर उतरने के बाद पाकिस्तानी नागरिक एस- बी2 फॉर्म भरते हैं।
  6. आजाद मैदान थाना के नजदीक एस- बी1 ब्रांच में 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट करना पड़ता है। वहां भी उनके एक फॉर्म भरवाया जाता है।
  7. इस फॉर्म में शर्त होती है कि अगर उन्हें सिर्फ मुंबई का वीजा मिला है, तो वो मुंबई के अलावा किसी दूसरे शहर नहीं जा सकते।

खास परिस्थिति में

खास परिस्थिति में वीजा नियमों में ढील दी जाती है। मसलन इलाज के लिए मुंबई आने वाले पाकिस्तानी नागरिक दिल्ली या जयपुर जा सकते हैं, बशर्ते उन्हें एस- बी1 के आई सेल में दिल्ली या जयपुर जाने की अर्जी देनी पड़ेगी। इसके बाद सेल उनके वीजा विस्तार के लिए संबंधित विभाग से संपर्क करता है। हरी झंडी मिलने के बाद ही वह शहर छोड़ सकता है। इसके बावजूद प्रत्येक पाकिस्तानी नागरिक के यहां उतरने पर उसकी गतिविधियों पर नजर रखे जाने का प्रावधान है।

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