त्वरित टिप्पणीः तो क्या भाजपा को यह समझ में आ गया है कि हिन्दुत्व ही वैतरणी पार कराएगा ?

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9:40 pm 18 Mar, 2017


फायरब्रान्ड भाजपा नेता योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री होंगे। साथ ही प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य तथा वरिष्ठ नेता दिनेश शर्मा को उप-मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई है। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के लिए कई चेहरे रेस में थे, और इनमें योगी को प्रबल दावेदार नहीं माना जा रहा था। हालांकि, अंतिम समय में भाजपा अालाकमान ने योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री पद के लिए हामी भर दी और उन्हें विधायक दल का नेता चुन लिया गया।

तमाम नेताओं के होने के बावजूद उत्तर प्रदेश में सर्वोच्च पद के लिए योगी का चुना जाना बहुत कुछ कहता है।

हाल के विधानसभा चुनावों में मिली बड़ी जीत के बाद राजनीतिक पंडित इस बात के गुणा-भाग में लगे थे कि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी का क्या रुख होगा। अधिकतर लोगों का मानना था कि नरेन्द्र मोदी की सरकार विकास के एजेन्डे पर ही वर्ष 2019 के चुनावों में उतरेगी। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के रूप में किसी ऐसे व्यक्ति को चुना जाएगा, जिसकी छवि सेक्युलर हो।

हालांकि, अब मुख्यमंत्री के रूप में योगी के चुनाव ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि भारतीय जनता पार्टी यह मानती है कि उत्तर प्रदेश में जनादेश सिर्फ विकास के भरोसे नहीं मिला है। संभवतः यही वजह है कि भाजपा ने योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री के रूप में स्थापित कर अपने हिन्दुत्व के एजेन्डे को स्पष्ट कर दिया है।

हाल के चुनाव परिणामों से जो संकेत मिले हैं, उससे यह साफ जाहिर है कि वर्ष 2019 में नरेन्द्र मोदी को रोकने के लिए पूरा विपक्ष एक खेमे में होगा। महागठबंधन की तैयारियां अभी से की जा रही हैं। वैसे भी बिहार के विधानसभा चुनावों में महागठबंधन की सफलता ने तमाम मोदी विरोधी राजनीतिक दलों को एक गुट में लामबंद को प्रेरित किया है।


उत्तर प्रदेश के चुनाव नतीजे स्पष्ट रूप से इस बात के द्योतक हैं कि अगर समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरते तो संभवतः भारतीय जनता पार्टी के लिए मुश्किल हो सकता था। यही वजह है कि इस बात से कोई गुरेज नहीं होना चाहिए कि आने वाले दिनों में विपक्षी राजनीतिक दलों का महागठबंधन आकार ले सकता है।

भाजपा ने जहां योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाकर प्रखर हिन्दुत्व की मुहिम छेड़ी है, वहीं केशव प्रसाद मौर्य को उप-मुख्यमंत्री बनाकर अन्य पिछड़ी जातियों को भी साधने की तैयारी कर रखी है। केन्द्र सरकार भले ही देश भर में अपने विकास के एजेन्डे पर काम करती रहे, लेकिन उत्तर प्रदेश में हिन्दुत्व का एजेन्डा आगे बढ़ेगा।

तो क्या भाजपा को यह समझ में आ गया है कि हिन्दुत्व ही वैतरणी पार कराएगा?

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