भारत में मनाए जाने वाले 9 अजीबोगरीब त्योहार जो हमारे लिए खास हैं।

author image
6:17 pm 16 Dec, 2015

भारत त्योहारों की परम्पराओं का देश है। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक हम भारतीय अलग-अलग संस्कृति, रिवाज और पम्पराओं के लिए जाने जाते हैं। हम पूरे देश में अलग-अलग तरह के सैकड़ों त्योहार मनाने के लिए प्रसिद्ध हैं। हम यहां बात करेंगे उन 9 त्योहारों की जो हमारे लिए तो खास हैं, लेकिन विदेशियों को अजीब और सनक से भरे हुए लगते हैं।

1. दही हांडी

कृष्ण जन्माष्टमी के दिन मनाया जाने वाले यह त्योहार महाराष्ट्र में बेहद प्रसिद्ध है। अगस्त महीने में इस खास दिन युवक इकट्ठा होकर एक मानव पिरामिड बनाकर ऊंचाई में लटक रही हांडी को फोड़ते हैं। इस त्योहार में भाग लेने वाले युवकों को गोविन्दा कहा जाता हैं ।

2. किला रायपुर खेल मेला

किला रायपुर खेल मेला दरअसल ग्रामीण भारत का ओलिम्पिक है। लुधियाना शहर से महज़ 18 किलोमीटर दूर किला रायपुर में इस अनोखे खेल मेले की शुरुआत हुई थी वर्ष 1933 में।

इसको शुरू किया था गांव के ही ग्रेवाल परिवार में, जब वर्ष 1932 में भारत की हॉकी टीम लॉस एंजिल्स ओलंपिक्स से स्वर्ण पदक लेकर लौटी थी।

इन खेलों में भाग लेने के लिए न केवल देश से बल्कि विदेशों से भी लोग आते हैं।

3. नाग पंचमी

हिन्दूओं में प्रकृति पूजन की प्रधानता है। नाग पंचमी हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। सावन महीने के शुक्ल पक्ष के पंचमी को नाग पंचमी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन नाग देवता की पूजा-अर्चना की जाती ही और उन्हें दूध पिलाया जाता है।

4. लठमार होली


लठमार होली ब्रज में खेली जाती है। इस होली की खास मस्ती है और इसे राधा और कृष्ण के प्रेम से जोड़कर देखा जाता है।होली में नंदगांव के पुरूष और बरराने की महिलाएं भाग लेती हैं।

5. पशु मेला

भारत में पशु मेला का परम्परा रही है। बिहार के सोनपुर से लेकर राजस्थान के पुष्कर तक पूरे देश भर में इस तरह के कई मेलाओं का आयोजन किया जाता है, जहां पशुओं की खरीद-बिक्री होती है। यहां शानदार पशुओं के प्रदर्शन की परम्परा भी रही है।

6. थिमिथी

थिमिथी त्योहार मुख्यतः दक्षिण भारत के राज्य तमिल नाडु में अक्टूबर और नवम्बर के महीने में मनाते हैं। इस त्योहार में द्रौपदी के पूजन की परम्परा है। यहां श्रद्धालु अंगारों पर चलते हैं।

7. जल्लीकट्टू

तमिल नाडु में बैलों की लड़ाई के खेल को जल्लीकट्टू कहा जाता है। मकर संक्रान्ति के अवसर पर पोंगल का पर्व मनाया जाता है और इसी दिन बैलों की दौड़ का आयोजन किया जाता है। यह धार्मिक परम्परा का एक रूप है।

8. गुरुदान थूक्कम

इस पर्व का आयोजन दक्षिण भारत में भगवान कार्तिकेय को धन्यवाद देने के लिए किया जाता है। हिन्दू धर्म में मान्यता है कि कार्तिकेय ने देवी पार्वती से प्राप्त एक त्रिशूल से सुर्पदामन नामक राक्षस का वध किया था।

9. मेंढक की शादी

भारत कृषि प्रधान देश है, इसलिए यहां बारिश का खास महत्व है। गांवों में मेंढ़कों की शादी का रिवाज है। लोग मानते हैं कि मेंढ़कों की शादी करा देने से इन्द्र देवता खुश होते हैं और बारिश होती है।

Discussions



TY News