इन 13 वाहनों ने हम भारतीयों की जिन्दगी बदल दी

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12:51 pm 12 Sep, 2015

किसी भी सभ्यता के विकास में वाहनों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। साइकिल हो या मोटर-बाईक, कार हो या स्कूटर। वाहन हमारे जिन्दगी का अभिन्न हिस्सा बन गए हैं। हम यहां बात करेंगे, 13 उन वाहनों की, जिन्होंने हम भारतीयों का परिचय न केवल अाधुनिकता से कराया, बल्कि इस देश के ऑटोमोबाइल इन्डस्ट्री की सूरत भी बदल डाली।

1. रॉयल इनफिल्ड बुलेट

कुछ याद आया?

वर्ष 1954 की बात है। तत्कालीन भारत सरकार ने पाकिस्तान से सटी सीमा पर तैनात किए गए सुरक्षा अधिकारियों के लिए 800 मजबूत मोटरसायकिल के ऑर्डर दिए। इस मोटर-बाईक का नाम था रॉयल इनफिल्ड बुलेट 350। इस ब्रान्ड का नाम दुनिया के सबसे पुराने ब्रान्ड में शुमार है। बाकी तो इतिहास में दर्ज है।

 

2. मारुति 800

मध्यमवर्गीय भारतीय परिवारों की कार।

पहली बार इस देश के तमाम लोगों को लगा कि वह भी कार खरीदने का सपना पूरा कर सकते हैं। इस कार ने भारतीय ऑटोमोबाइल इन्डस्ट्री को एक नया मुकाम दिया। यहां तक कि क्रिकेटर सचिन तेन्दुलकर भी इस कार के दीवाने हैं। इसका निर्माण हाल ही में बन्द किया गया है।

3. मारुति ओमनी

बॉलीवुड के फिल्मों में गैगस्टर्स की पसन्दीदा कार।

अनगिनत हिन्दी फिल्मों में इस कार उपयोग अपहरण और साजिश रचने के लिए किया गया। मजाक में भले ही जो कह लें, लेकिन मारुति ओमनी से अधिक यूजफुल और स्पेसियस कार तब थी ही नहीं। पिकनिक, शादी या फिर घर बदलने जैसी कोई बात। मारुति ओमनी ने हमेशा ही उपयोगी वाहन के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।

4. फिएट- प्रीमियर पद्मिनी

छोटी और खूबसूरत।

यह उन दिनों की बात है, जब कार रखना सिर्फ अमीर लोगों का शगल हुआ करता था। बॉलीवुड की कई फिल्मों में इस कार उपयोग धमाके के साथ उड़ाने के लिए किया जाता रहा है। लेकिन इसे ड्राइव करना था बड़ा ही मजेदार।

5. बजाज चेतक

अस्सी के दशक में बड़े हुए लोग इसकी खूबियों का बखान कर सकते हैं।

इस स्कूटर पर जगह इतनी कि पीछे पत्नी को बिठाकर सामने दो बच्चों को भी एडजस्ट कर लें। आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि दहेज में स्कूटर देने का चलन इसके साथ ही शुरू हुआ था। वर्ष 2009 में बजाज ने इस स्कूटर का निर्माण बन्द कर दिया। लेकिन साहब, हम कहां मानने वाले हैं? हम तो अब भी स्कूटर चलाते हैं। मजे से।

6. एम्बेसे़डर कार

झक सफेद। बाबुओं की कार।

हिन्दुस्तान मोटर्स की बनाई हुई इस कार ने दशकों तक भारतीय सड़कों पर राज किया। बाबू से लेकर आम आदमी तक। सभी ने इसकी सवारी का आनन्द लिया है। इस कार का निर्माण वर्ष 2014 में बन्द कर दिया गया।

7. हीरो होन्डा स्प्लेन्डर


सभी मौसमों के लिए उपयुक्त बाईक।

चाहे आधा लीटर दूध लाना हो, या अखबार। स्प्लेनडर उठाइए और निकल पड़िए। स्लिक और साफ-सूथरी हीरो होन्डा स्प्लेन्डर ने हमारी जिन्दगी को आसान बनाने में काफी मदद की। एक लीटर पेट्रोल में 70 किलोमीटर का माइलेज। मुंह की बात है क्या?

8. यामहा RX 100

इस बाईक को चलाने का अपना एक अलग ही आनन्द था।

यह उन दिनों की बात है जब बाईक 4 स्ट्रोक नहीं, 2 स्ट्रोक हुआ करते थे। इसका निर्माण बन्द हो गया है। बावजूद इसके आप कभी न कभी इसे अपने इलाके में देख ही लेते हैं।

9. हीरो होन्डा CBZ

सीबीजेड। खूबसूरत आइकॉनिक रेसिंग बाईक।

कॉलेज जाने वाले अपने देशी युवाओं का एक सपना। इसी बाईक ने पल्सर के आने का रास्ता खोला। बाकी तो इतिहास में दर्ज है।

10. काईनेटिक होन्डा DX

बजाज चेतक को फैमिली स्कूटर का दर्जा प्राप्त था।

लेकिन उससे हल्की काईनेटिक होन्डा डीएक्स को कॉलेज जाने वाले लड़के-लड़कियां खूब पसन्द करते थे। बिना गियर की यह बाईक चलाने में आसान थी। बाद में एक्टिवा और दूसरी गाड़ियों के लिए रास्ता साफ हुआ।

11. टीवीएस स्कूटी

टीवीएस स्कूटी ने सही मायने में पहली बार लड़कियों को आजादी से रूबरू कराया था।

यह इतना पॉपुलर हुआ कि आम तौर पर लड़कियों द्वारा चलाई जाने वाली बाईक्स को हम स्कूटी ही कहते हैं।

12. मैटाडोर वैन

मैटाडोर वैन। सभी मौकों के लिए एक उपयुक्त वाहन।

उपयोगी इतना कि एक साथ इसमें भरकर पचास बच्चों को स्कूल भेज सकते थे। लंबी दूरी की यात्रा कर सकते थे। और मजे भी।

13. टाटा सूमो

SUV किसे कहते हैं, यह पहली बार टाटा सूमो को देखकर जाना।

समय बीतने के साथ, मारुति ओमनी वाले भारतीय, सूमो की तरफ आकर्षित होने लगे। इस गाड़ी की खासियत थी कि यह लम्बी दूरी नाप सकता था। वह भी दर्जन भर लोगों को बिठा कर।

तो यह थी लिस्ट उन वाहनों की जिस पर चलने का मजा हम ले चुके हैं या अब तक ले रहे हैं। आपको क्या लगता है, इनमें से कौन सा वाहन बेहतरीन है?

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