लियो टॉलस्टॉय रचित इन चार साहित्यिक कृतियों के बारे में आपको शायद ही पता होगा

1:23 pm 20 May, 2016


विश्व प्रसिद्ध रूसी लेखक लियो टॉलस्टॉय अपनी दो महान रचनाओं- ‘वॉर एंड पीस’ (युद्ध व शांति) व ‘एना करेनिना’ के लिए विशेष रूप से जाने जाते हैं। ये दोनों ही रचनाएं आज भी काल्पनिक साहित्य की सबसे बेहतरीन कृतियों में से एक हैं, लेकिन उनके द्वारा लिखित लघु-कथाओं को उतनी अंतर्राष्ट्रीय ख्याति नहीं मिल सकी थी।

ये लघु-कथाएं पाठकों का मनोरंजन तो करती ही हैं, साथ ही इनमें रूसी किसानों की ज़िन्दगी की झलक भी देखने को मिलती है। इन लघु कथाओं के माध्यम से हमें इस क्षेत्र के वासियों की जिन्दगी के बारे में पता भी चलता है।

प्रस्तुत है टॉलस्टॉय की कुछ कम विख्यात लेकिन सशक्त कृतियांः

1. ‘लिटिल गर्ल्स वाइज़र देन मैन’ (वयस्कों से अधिक समझदार छोटी लड़कियां)

ये कहानी दो छोटी लड़कियों के इर्द-गिर्द घूमती है जो एक कीचड़ से भरे तालाब के किनारे खेलती हैं। दोनों ने ही नई फ्रॉक पहनी हुई हैं। अचानक खेलते-खेलते एक लड़की की फ्रॉक गंदी हो जाती है। इस बात पर दोनों के बीच लड़ाई होने लगती है और वे अपनी-अपनी मां के पास समस्या लेकर पहुंच जाती हैं। दोनों मां भी इस बात पर बहस करने लगती हैं कि आखिर गलती किसकी है।

लड़ाई बहुत बढ़ जाती है और पास के कुछ किसान भी उसमें शामिल हो जाते हैं। इस तरह हर इंसान किसी न किसी बात पर आपस में लड़ने लगता है। इस सब के बीच दोनों छोटी लड़कियां वापस तालाब के पास खेलने चली जाती हैं।

कहानी कुछ इस तरह समाप्त होती है, जब दोनों मां सभी लोगों से निवेदन करती हैं कि वे छोटी समझदार लड़कियों से कुछ सीखें, जिन्हें समझ में आ गया कि लड़ाई का कोई औचित्य नहीं है।

2. ‘वॉट मेन लिव बाय’ (इंसान किसके सहारे जीते हैं)

यह कहानी एक मोची और उसके परिवार की है। एक दिन घर वापस जाते हुए उसे एक बुजुर्ग व्यक्ति बहुत बुरी दशा में सड़क किनारे बैठा दिखाई देता है। मोची उसे नज़रअंदाज़ करने की कोशिश करता है, लेकिन उसका दिल पसीज जाता है। वह बुजुर्ग को अपना गर्म कोट देता है और उसे अपने घर ले जाता है। घर पहुंचकर पत्नी से थोड़ी लड़ाई के बाद वह उसे यह समझाने में सफल हो जाता है कि बूढ़े व्यक्ति को मदद की ज़रूरत है। वह बूढ़ा आदमी मोची के परिवार में कई वर्षों तक रहता है और उसके निर्देशन में जूते बनाने में सहायता करता है।

कुछ अजीब सी घटनाओं के बाद एक दिन मोची को अहसास होता है कि वह बूढ़ा कोई साधारण इंसान नहीं है। पूछे जाने पर बूढ़ा बताता है कि वह भगवान का दूत है, जिसे धरती पर एक औरत की जान लेने भेजा गया था।

जब उस औरत ने जान की भीख मांगते हुए बताया कि उसके बच्चों का ध्यान रखने के लिए दुनिया में कोई नहीं है तो दूत ने उसे ज़िन्दा ही छोड़ दिया।

दूत के अवज्ञा से क्रोधित हो भगवान ने उसे धरती पर तीन प्रश्नों के उत्तर खोजने छोड़ दिया था। बुजुर्ग मोची को समझाता है कि – मनुष्य में जो वास करता है वह प्रेम है। जो मनुष्य को नहीं दिया जाता, वह है अपनी ज़रूरतों का ज्ञान।


भले ही सामने वाला व्यक्ति परिचित हो या अपरिचित, सभी इंसान एक-दूसरे की देखभाल नहीं, अपितु प्यार के सहारे जीते हैं। वह प्रेम ही है, केवल प्रेम जिसके सहारे मनुष्य जीते हैं।

3. ‘हाऊ मच लैंड डज़ अ मैन नीड’ (आखिर एक इंसान को कितनी ज़मीन की आवश्यकता होती है?)

यह कहानी काफ़ी अनोखी है। कहानी एक लालची किसान और शैतान की बातचीत के आसपास घूमती है। किसान जब अपने परिवार को खेत के लिए लड़ता देखता है, तो एकाएक ही उसके मुंह से निकल जाता है कि अगर उसके पास सारी ज़मीन होती तो उसे शैतान का भी कोई डर नहीं होता। किसान को पता नहीं था कि उस समय शैतान उसकी सारी बातें सुन रहा था।

शैतान उसे किसान की चुनौती के रूप में स्वीकार कर लेता है। फिर वह किसान को बताता है कि वह उसे सब कुछ देगा, जो उसे चाहिए, साथ ही उसका सब कुछ छीन भी लेगा। इसके बाद तो किसान की जैसे किस्मत ही चमक जाती है और अच्छी कमाई होने लगती है।

आखिरकार वह एक ऐसी जगह पहुंचता है, जहां एक परिवार उसे बहुत कम दाम में उतनी ज़मीन देने का वादा करता है, जितनी दूरी किसान सूर्यास्त से पहले अपने पैरों पर तय कर पाएगा। उस रात किसान ने सपने में देखा कि वह शैतान के पैरों में मृत पड़ा हुआ है और शैतान उस पर लागातार हंस रहा है।

जब वह सवेरे उठता है तो परिवार का प्रस्ताव स्वीकार कर ज़्यादा से ज़्यादा दूरी अपने पैरों पर तय करने की कोशिश करता है। जब सूर्यास्त होने लगता है तो किसान को अहसास होता है कि उसे ज़मीन पर अधिकार करने के लिए वापस उसी स्थान पर जाना होगा, जहां से उसने शुरुआत की थी।

किसान दौड़ता हुआ वापस पहुंचता है और शर्त के अनुसार परिवार उसे ज़मीन देने को तैयार हो जाता है। लेकिन थकावट के कारण शीघ्र ही किसान की मृत्यु हो जाती है।

कहानी के अंत में किसान के नौकर उसे एक साधारण सी कब्र में दफ़नाते दिखाई देते हैं। यह आखिरी दृश्य कहानी के शीर्षक के माध्यम से पाठकों को व्यंग्यात्मक संदेश देता है।

4. ‘अ टाइनी स्पार्क कैन बर्न द हाऊस’ (एक छोटी सी चिंगारी भी घर को जला सकती है)

कहानी दो परिवारों के बारे में है, जो शांतिप्रिय पड़ोसी हैं। एक दिन उनमें से एक घर से उड़कर एक मुर्गी दूसरे घर में चली जाती है और अंडे दे देती है। जब उस दूसरे घर की लड़की अंडे उठाने जाती है, तो दोनों परिवारों के बीच बहस शुरू हो जाती है।

यह मतभेद दोनों परिवारों के बच्चों द्वारा 6 सालों तक बरकरार रहता है। यह विवाद कोर्ट तक पहुंच जाता है। एक समय गुस्से में एक परिवार की लड़की दूसरे घर में आग लगा देती है, लेकिन पड़ोस में होने के कारण आग दोनों घरों में फैल जाती है। घर जल जाता है और दोनों परिवारों में से एक के मुखिया की मृत्यु हो जाती है।

मृत्यु-शय्या पर वह मुखिया अपने बच्चों से निवेदन करता है कि वे लड़ाई-झगड़ा सब छोड़ कर अपनी ज़िन्दगी में शांति लाएं। कहानी का अंत दोनों परिवारों की दोस्ती व सहयोग से संपन्नता के साथ होता है।

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