भारत-पाक सीमा पर बसे तीन बच्चों के दोस्ती की कहानी, जो आपके दिल को छू लेगी

5:34 pm 14 Oct, 2016


“बच्चे मन के सच्चे” किसी पुरानी फिल्म के गीत की ये पंक्तियां बहुत सीमा तक आज भी ये सन्देश देती हैं कि कुछ मामलों में बच्चों को ही गुरु मान लिया जाए, तो श्रेष्ठ होगा। आज जब मुल्क के अख़बारों, टीवी चैनल भारत- पकिस्तान की दुश्मनी की खबरों से पटे हैं, तब ये बच्चे बेहद भोलेपन से मानवता, मासूमियत और दोस्ती का पाठ पढ़ा रहे हैं।

इन बच्चों की ये मासूम बातें फेसबुक पर ‘ह्युमंस ऑफ़ पाकिस्तान ‘ नामक एक पेज ने साझा की है। फेसबुक के इस पोस्ट में दो स्कूल जाने वाले बच्चों ने सीमा पार रह रहे अपने हिन्दुस्तानी दोस्त का ज़िक्र किया है।

हालाँकि इन बच्चों के बीच में नदी किसी सरहद की तरह खड़ी है जिस वजह से आपस में कभी मिले नही है।लेकिन कुछ ही दीनो में जो एक रिश्ता इन मासूमों के बीच बन गया है वो है दोस्ती का, जो हर सरहद से मजबूत है। स्कूल से घर वापस जाते हुए ये तीनों, रोज़ साथ मिलकर एक खेल खेलते है। ये खेल उस नदी में पत्थर फेंकने का है, जो दोनों देशो के बीच बहती है। खेल के नियम बिलकुल सरल है; जिसका पत्थर जितनी दूर फेंका जाएगा, जीत उसी की होगी।

“हमारा एक दोस्त है, जो नदी के उस पार रहता है। वो भी हर रोज़ इसी वक़्त स्कूल से वापस आता है। वो वहां खड़े होकर नदी में पत्थर फेंकता है। हम भी इस तरफ से पत्थर फेंकते हैं, जिसका पत्थर सबसे दूर पहुंचता है वो जीत जाता है। हम ये खेल रोज़ खेलते है।”

-“तुम्हारे दोस्त का नाम क्या है?”

“हमे नहीं पता। नदी के पानी के शोर की वजह से एक दुसरे से बात करना मुश्किल होता है। बस हम इतना जानते है कि वो हिन्दुस्तानी- कश्मीरी है, क्योंकि वो नदी के उस पार रहता है।”

इस पोस्ट को सोशल मिडिया पर करीब 24000 लोगो ने साझा किया है। जो यह दिखाता है कि अमन की भूख हर जीव में है।

साभार: फ़ेसबुक

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