जानिए कैसे एक फौजी का पोता चल पड़ा आतंकवाद की राह पर


लगभग आठ महीने पहले भोपाल से पकड़े गए आतंकी अजहर इकबाल के खिलाफ नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने दिल्ली में चार्जशीट पेश कर दी है। एनआईए ने दिल्ली की कोर्ट में 87 पेज का पूरक चालान पेश किया है। आपको यह जानकार हैरानी होगी कि आतंकी अजहर के दादा भारतीय सेना को अपनी सेवाएं प्रदान कर चुके हैं।

तो आइए जानते हैं कि कैसे गलत संगत में आकर एक फ़ौज़ी का पोता आतंकवाद की राह पर चल पड़ा।

ओबैदुल्लागंज से करीब 12 किलोमीटर दूर नेशनल हाइवे-69 पर स्थित ग्राम बरखेड़ा में रहने बाले अजहर इकबाल ग्राम के ही एक निजी स्कूल में कक्षा पांचवीं तक पढ़ा। इसके बाद उसका दाखिला स्थानीय मदरसे में करा दिया गया, जिसके बाद वह होशंगाबाद मालीखेड़ा मदरसा में पढ़ाई करने चला गया। वहां से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में आलिम की पढ़ाई करने निकल गया।

अजहर के दो भाई एवं दो बहनें हैं। सबसे बड़ी बहन नाजनी फातमा, अजहर इकबाल, उमर खान और उसके बाद छोटी बहन मदीहा है। अजहर दूसरे नंबर का भाई है। उसकी दोनों बहन घर पर ही रहती हैं। भाई उमर भोपाल के एक कॉलेज, जबकि छोटी बहन एक निजी स्कूल में पढ़ती है।

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अज़हर की बहने dainikbhaskar

क्या कहते हैं इस आतंकवादी के जानने वाले

अजहर के जानने वालों के मुताबिक अज़हर को किसी से अधिक मिलना-जुलना पसंद नहीं था। यही नहीं, उसका अपने गांव आना भी साल में सिर्फ़ एक-दो बार हो पाता था। वह करीब आठ सालों से घर से बाहर रह रहा था। गांव में ही रहने वाले उसे बचपन में पढ़ाने वाले शिक्षक रईस खान बताते हैंः


“अजहर बहुत ही सीधा था। उसकी धार्मिक रुचि थी। मैंने जब अखबार में उसके बारे में पढ़ा, तो सहसा यकीन ही नहीं हुआ।”

गांव वालों के ही मुताबिक अजहर के दादा महमुदल हसन फ़ौज़ में थे। उन्हें रिटायरमेंट के बाद सरकार की तरफ से ग्राम सिगपुर में करीब 60 एकड़ जमीन मिली थी। अजहर का परिवार यह खेती संभाल रहा है। अजहर के बचपन की सहपाठी सईमा एवं आफरीन को यकीन है कि अजहर कुछ गलत नहीं कर सकता।

एक सीक्रेट ऑपरेशन के तहत सिर्फ़ बारह मिनट में हुई थी गिरफ्तारी

इस्लामिक स्टेट के आतंकी अजहर इकबाल को गिरफ्तार करने में क्राइम ब्रांच की टीम को सिर्फ 12 मिनट लगे थे। लेकिन ये 12 मिनट सबके लिए जीने और मरने के बराबर था। क्राइम ब्रांच की टीम ने 2 फरवरी को अजहर को टीला जमालपुरा के एक घर से पकड़ा था। इस सीक्रेट ऑपरेशन की कमान क्राइम ब्रांच के एएसपी शैलेंद्र सिंह चौहान के हाथों में थी।

एनआईए की टीम ने अभी हाल में ही अज़हर को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया था। जहां कोर्ट को सुपुर्द किए गए चार्जशीट के मुताबिक अजहर ने यह कबूल किया है कि वह पिछले साल अप्रैल से आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट के संपर्क में आया था। चार्जशीट के मुताबिक  अजहर, इस्लामिक स्टेट की उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में हुई बैठकों में भी शामिल हुआ था।

गिरफ्तार के बाद उसे 2 फरवरी को एनआईए ने उसे कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर लिया था। इसके बाद उसे दिल्ली के पटियाला कोर्ट में पेश किया गया था। उस वक्त एनआईए ने अजहर को लेकर खुलासा किया था कि पिछले साल 9 दिसंबर को आईएसआईएस से जुड़े 16 संदिग्धों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद -अजहर इकबाल सहारनपुर स्थित दारुल उलूम देवबंद से अचानक गायब हो गया था।

बाद में वह मध्य प्रदेश में एक जेहादी ग्रुप के गठन के मकसद सक्रिय था।

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