स्वामी विवेकानंद जी को जब मिला विदेशी महिला से शादी का प्रस्ताव

author image
1:16 pm 12 Jan, 2016

19वीं सदी के महान संत रामकृष्ण परमहंस के प्रमुख शिष्य विवेकानंद को पश्चिमी दुनिया में भारतीय वेदांत का दर्शनशास्त्र और योग के प्रचार-प्रसार का श्रेय जाता है। वह हिंदू धर्म के महत्वपूर्ण पुनर्जागरण स्तम्भ रहे हैं। साथ ही औपनिवेशिक भारत में राष्ट्रवाद की अवधारणा के लिए उनका योगदान महत्वपूर्ण था।

स्वामी विवेकानंद के संक्षिप्त जीवन के क़िस्से अमृत से कम नही है। तो आइए जानते हैं उनके जीवन से जुड़े उन रोचक किस्से को जो हमेशा से युवाओं के लिए प्रेरणादायक रहे हैं।

1. रोटी तो सिर्फ़ पेट की ज्वाला शांत करने के लिए है।

स्वामी जी अपना खाना स्वयम् पकाते थे। एक बार स्वामी जी अमेरिका में एक महिला के घर रुके थे। अभी वह रोटियां पका ही रहे थे की कुछ भूखे बच्चे आ गये। उन्होने सारी रोटियां उन बच्चों को दे दिया। महिला को बहुत आश्चर्य हुआ उस महिला ने तब स्वामी जी से पूछा “आपने सारी रोटियां उन बच्चों को दे दी, अब आप क्या खाएंगे”? तो स्वामी जी ने सहज भाव से कहाः


“रोटियाँ तो सिर्फ़ पेट की ज्वाला शांत करती है, इस पेट मे न सही उस पेट मे ही सही।”

2. सच्चे पुरुषार्थ की मिसाल।

एक बार एक विदेशी महिला ने स्वामी से विवाह करने का आग्रह किया। स्वामी जी यह कह कर प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया की वह सन्यासी हैं। इस पर महिला ने कहा की “मैं आपके जैसा पुत्र की इच्छा रखती हू और ऐसा तभी संभव हो सकता है जब आप मुझसे विवाह करेंगे। इस पर स्वामी जी बोले, “आज से मुझको ही आप अपना पुत्र मान लीजिए”। वह विदेशी महिला स्वामी जी के चरणो में गिर गई और बोली आप साक्षात ईश्वर हैं। सच्चे पुरुष वही हैं जो नारी के प्रति मातृत्व की भावना रखें।

3.  गंगा नदी नही, हम भारतीयों की माँ है।

एक बार अमेरिका में कुछ पत्रकारों ने स्वामी जी से प्रश्न किया कि भारत में किस नदी का जल सबसे अच्छा है। तो स्वामी जी ने जवाब दिया की ‘यमुना नदी’। सारे पत्रकार हैरान हो गये। उन्होने दोबारा एक प्रश्न किया कि परंतु आपके देशवासी तो कहते हैं की जिस नदी का जल सबसे अच्छा है वह तो ‘गंगा’ है।

इस पर स्वामी जी ने कहा ‘कौन कहता है गंगा नदी है वो तो हमारे लिए माँ है’। वहाँ मौजूद सारे लोग स्तब्ध रह गये।

Discussions



TY News