UN में सुषमा ने कहा, कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और आगे भी रहेगा

9:56 pm 26 Sep, 2016


विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आज संयुक्त राष्ट्र के मंच से पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए कहा कि उसे कश्मीर का ख्वाब देखना छोड़ देना चाहिए। सुषमा ने कहा कि भारत यह मांग करता है कि जो देश आतंकवादियों और आतंकवाद की पनाहगाह हैं, जहां नीयत और कारनामों में आतंकवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है, ऐसे देशों को अलग-थलग करने की जरूरत है।

सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर कहा कि आतंकवाद मानवाधिकारों का सबसे बड़ा उल्लंघन है और यह दुखद है कि हम आतंकवाद को रोकने में सफल नहीं हुए हैं।

सुषमा स्वराज ने कहाः

“आतंकवादियों को पनाह कौन देता है। आतंकवादियों का मददगार कौन है। प्रतिबंधित आतंकी सरेआम जलसे करते हैं। जिसने आतंकवाद का बीज बोया, उसने कड़वा फल खाया है। जिन्हें आतंकवाद को पालने का शौक है, उन्हें अलग-थलग करना होगा।”

जम्मू-कश्मीर के मसले पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का जवाब देते हुए सुषमा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और रहेगा।


कश्मीर को हासिल करने का पाकिस्तान का मंसूबा कभी कामयाब नहीं होगा। विदेश मंत्री ने पूछा कि मित्रता के साथ विवाद सुलझाने की कोशिश की गई, लेकिन उसके बदले में क्या मिला, उरी जैसा आतंकी हमला? उन्होंने कहा कि बहादुर अली सीमापार से आतंकवाद का जीता जागता सबूत है।

संयुक्त राष्ट्र के अपने भाषण में सुषमा स्वराज ने बलूचिस्तान का मामला भी उठाया। उन्होंने इस क्षेत्र में पाकिस्तान सरकार द्वारा जारी मानवाधिकारों के उल्लंघन का मामला उठाया और पाकिस्तान की कड़े शब्दों में आलोचना की।

नवाज के भाषण का प्रत्युत्तर देते हुए सुषमा ने कहा, ‘जिनके घर शीशे के हों, वो दूसरों पर पत्थर न फेंकें।’

इस बीच, शिव सेना ने सुषमा स्वराज के भाषण पर ठंडी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि महज भाषणों से कुछ नहीं होता। हम इतने असहाय हैं कि पाकिस्तान का नाम तक नहीं ले सकते, जबकि नवाज शरीफ ने भारत का नाम लेकर खरी-खोटी सुनाई है।

जबकि, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता शशि थरूर ने सुषमा स्वराज के इस भाषण का स्वागत किया है।

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