सियाचिनः भारी बर्फबारी में फंसे सभी 10 जवान शहीद

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12:28 pm 5 Feb, 2016


सियाचिन में भारी हिमस्खलन में फंसे भारतीय सेना के सभी 10 जवान शहीद हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरूवार शाम को एक ट्वीट कर इन जवानों को श्रद्धान्जलि दी है। बताया गया है कि इस भयानक हादसे में किसी के बचने की संभावना न्यून थी।

19,600 फुट की ऊंचाई पर मद्रास बटालियन की आर्मी पोस्ट इस हादसे के दायरे में आई थी। इन जवानों में जूनियर कमीशंड ऑफिसर रेंक का अधिकारी और 9 जवान शामिल हैं। पिछले महीने की 3 तारीख को हिमालयन रेंज के लद्दाख में आए बर्फीले तूफान में फंसकर सेना के 4 जवान शहीद हो गए थे।

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट में लिखा हैः

“सियाचिन में सौनिकों की मौत काफी दुःखद है। मैं उन सैनिकों को सलाम करता हूं, जिन्होंने अपने देश के लिए जीवन दे दिया। उनके परिजनों के प्रति संवेदनाएं।”

आर्मी कैंप के पास पिछले बुधवार की सुबह साढ़े आठ बजे के करीब बर्फीला तूफान आया था, जिसमें गश्ती पर निकले 10 जवान फंस गए। थल सेना और वायु सेना की टीम हिमस्खलन के दूसरे दिन भी राहत और बचाव कार्यों में लगी रही।

इसी बीच, पाकिस्तान ने भी मदद की पेशकश की थी, जिसे भारत ने यह कहते हुए ठुकरा दिया, कि हमारे पास राहत वह बचाव के पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं। रक्षामंत्री मनोहर पर्रीकर ने गुरूवार को इस बात के संकेत दिए थे कि इस हादसे में जवानों के बचने की संभावना बेहद कम थी।

उधर, भारतीय सेना की तरफ से एक बयान में कहा गया है कि यह घटना दुःखद है। हम सैनिकों को सलाम करते हैं, जिन्होंने हमारी सीमाओं की रक्षा के लिए सभी परेशानियों का सामना किया।

सियाचिन दुनिया का सबसे ऊंचा युद्ध क्षेत्र है और सामरिक रूप से भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह ऐसा युद्ध क्षेत्र है, जहां दुश्मनों की गोलीबारी से ज्यादा मौसम की मार से अधिक सैनिकों को खराब मौसम से जूझना होता है।

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