बर्फीला तेंदुआ तीसरी मंजिल तक छलांग लगा सकता है, जानिए 15 और विस्मयकारी तथ्य।

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5:44 pm 23 Sep, 2015


चीन के निर्जन बर्फीले क्षेत्रों से लेकर भारत के सर्द जंगली इलाके न केवल अपनी खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध हैं, बल्कि इन क्षेत्रों ने बर्फ पर पलने वाले तेंदुओं की वजह से भी काफी नाम कमाया है। हालांकि, हाल के दिनों में प्रकृति की खूबसूरत भेंट बर्फीले तेंदुओं की तादाद कम हो रही है।

हम यहां इन तेंदुओं के बारे में कुछ विस्मयकारी तथ्य बताने जा रहे हैं, जिनके बारे में आप शायद नहीं जानते होंगे।

1. जन्म के समय बर्फीला तेंदुआ पूरी तरह अंधा होता है। जन्म लेने के 9 दिन बाद ही यह थोड़ा-बहुत देख सकता है।

माता तेंदुआ करीब दो साल तक बच्चे को अपने संरक्षण में रखती हैं।

2. इन तेंदुओं को बमुश्किल कभी-कभी देखा जा सकता है।

दरअसल, ये चकमा देने में उस्ताद होते हैं। अगर आप भाग्यशाली हैं तो ही इन्हें देख सकते हैं, या फोटो खींच सकते हैं। सूर्योदय या सूर्यास्त के समय। क्या आपको कोई तेंदुआ दिखाई दे रहा है।

अगर नहीं मिला तो फिर इस फोटो में इस बर्फीली बिल्ली को खोजने की कोशिश करिए। आपके पास पांच सेकेन्ड का समय है।

अगर आपको कुछ मिनट लगे हों, तो भी कोई बात नहीं। आपकी आंखें सही हैं। बर्फीले तेंदुए चकमा देने में इस कदर माहिर हैं कि उनको देख पाना पहले पन्ने की खबर बनती है। हम मजाक नहीं कर रहे।

3. इस तरह के तेंदुए खड़ी चट्टान और कन्दराओं में रहना पसन्द करते हैं।

ये समुद्र तल से 3,000 से 5,500 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद बर्फीले पहाड़ों और दर्रों में पाए जाते हैं। हालांकि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि आप इन्हें देख ही लेंगे।

4. बर्फ पर रहने वाले तेंदुए की आंखें बेहद खूबसूरत होती हैं। यह अक्सर भूरे रंग की होती हैं या फिर हरा रंग लिए हुए।

यह अपने आप में अभिनव है।

5. इन तेंदुओं की खासियत है कि ये बर्फ के अंदर नहीं दबते।

इनके पंजे इस तरह बने हैं कि ये बर्फ पर आसानी चल सकते हैं। दौड़ सकते हैं। या फिर शिकार कर सकते हैं।  ईश्वर वाकई महान है।

6. सर्दी के दिनों में इनका रंग सफेद हो जाता है, जबकि गर्मी के दिनों में यह पीलापन लिए रहता है।

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7. बर्फीले तेंदुए दहाड़ नहीं मार सकते।

वे बिल्ली जैसी आवाजें निकालते हैं, सिसकते हैं या फिर कराहते हैं। वे इस मामले में बाघ या चीता की प्रजातियों से अलग हैं।

8. ये 9 मीटर की दूरी तक छलांग लगा सकते हैं। यह ऊंचाई एक तीन-मंजिले मकान के बराबर है।

9. सिर से लेकर पुट्ठे तक एक बर्फीले तेंदुए की लम्बाई 1.15 मीटर तक हो सकती है।

इसकी पूंछ भी लगभग इतनी ही लम्बी होती है।

10. मुलायम बालों वाली इनकी पूंछ ठंड के दिनों में इन्हें गर्म रखने के काम आती है।

11. बर्फीले तेंदुए गुफाओं में अपने बच्चों को जन्म देते हैं। जिन्हें मां अपने रोएंदार शरीर में चिपकाकर गर्म रखती हैं।

12. यह शिकार तभी करते हैं, जब इन्हें भूख लगी होती है।

इनके पिछले दोनों टांगों में इतनी शक्ति होती है कि ये हवा में करीब 30 फुट की ऊंचाई तक छलांग लगा सकते हैं।

13. ये करीब 15 दिनों में एक बार शिकार करते हैं और 3-4 दिनों तक अपने शिकार के साथ रहते हैं।

एक बर्फीला तेंदुआ अपने से तीन गुना बड़े जानवर का शिकार आसानी से कर सकता है। हालांकि, इन्हें आमतौर पर भेड़ों का शिकार करना अधिक पसन्द है।

14. संख्या के लिहाज से बर्फीले तेंदुओं के मामले में भारत तीसरे स्थान पर है, जबकि चीन पहले स्थान पर।

15. इस धरती पर करीब 6,500 से कम बर्फीले तेंदुए बचे हैं। इनमें से अधिकतर चिड़ियाघरों में रखे गए हैं।

इन्हें विलुप्तप्राय प्राणी मान लिया गया है। एक बर्फीले तेंदुए की औसत आयु जंगल में करीब 22 साल है। जबकि चिड़ियाघरों में यह औसतन 15 साल जीता है।

हम उम्मीद कर सकते हैं कि हमारी आने वाली पीढ़ी एक ऐसी दुनिया में रहे जहां इस खूबसूरत प्राणी का भी वास हो।

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