43 बातें जो आपको बचपन के दिनों में लौटने के लिए प्रेरित करेंगी।

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1:31 pm 13 Oct, 2015


हममें से अधिकतर लोगों के लिए 90 का दशक खास है। इन्टरनेट का उपयोग करने वालों में ज्यादातर लोग 90 के दशक में पले-बढ़े। यह एक ऐसी पीढ़ी है, जिसने न केवल चिट्ठी-पत्री का दौर देखा था, मोबाइल का आगमन भी इसके सामने ही हुआ। कुल मिलाकर यह पीढ़ी पुराने और नए का अभिनव मेल है। हम यहां बात करने जा रहे हैं उन 43 चीजों की जो आपको बचपन के दिनों में लौटने के लिए प्रेरित करेंगी।

1. चुइनगम के साथ मिलने वाले ये टैटू। हम तो इसके दीवाने थे।

 

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2. जन्मदिन की कोई भी पार्टी रसना के बिना अधूरी थी।

 

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3. ओह, पॉपिन्स। कहीं मिले तो मेरे लिए भेजिए।

 

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4. वह खुशनुमा शाम जब आइसक्रीम वाला अपना डिब्बा उठाए आता था। ब्रान्ड कोई भी हो, आइसक्रीम होनी चाहिए।

 

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5. इस फोन को इस्तेमाल करना रॉयल अन्दाज हुआ करता था। साहब, मोबाइल फोन में यह मजा कहां।

 

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6. घर के बाहर पिट्टो खेलने का अपना अलग ही मजा था।

 

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7. और गेमिंग पार्लर। इसे कौन भूल सकता है भला? सारे सिक्के तो यहीं खर्च होते थे।

 

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8. हीमैन, सुपरमैन, अलादीन, मिकी माउस और बहुत कुछ। वह भी हिन्दी में। मजे थे।

 

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9. अपने पास एक सायकिल होना बड़ी बात थी।

 

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10. स्कूल में अंग्रेजी बोलना जरूरी था। और आप गिटिर-पिटिर करते हुए बेहद कूल महसूस करते थे।

 

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11. रविवार का दिन चन्द्रकान्ता, मोगली और फिर महाभारत।

 

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12. चम्पक, चाचा चौधरी, नन्दन, चन्दा मामा, पराग, मधु मुस्कान और न जाने कितनी मैग्जीन्स। नागराज का सही मायने में राज था।

 

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13. सभी सोचते थे वाई 2 के का मतलब दुनिया का खात्मा।

 

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14. पिंग पांग बॉल्स। पेन्सिल के ऊपरी सिरे पर लगा हुआ इरेजर। ये सहेजकर रखने वाली चीजें थीं।

 

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15. इस पानी के बोतल को तो आप पहचानते ही होंगे। है न?

 

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16. चैनल के नाम पर सिर्फ डीडी 1 और डीडी 2।

 

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17. छठी कक्षा में पहली बार फाउन्टेन पेन से लिखना और महसूस करना कि अब हम बड़े हो गए हैं।

 

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18. मोबाइल फोन का मतलब रईसी होती थी।

 

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19. मारुति 800 पूरे परिवार की कार थी।

 

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20. ट्रेन में यात्रा करने का मतलब था, लाईन में लगकर टिकट लेना। और हवाई जहाज तो धनी लोगों की बात थी।

 

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21. अंकल चिप्स, पार्ले किसमी और पान पराग। अब भी मुंह में पानी ला देते हैं।

 

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22. आप में लगभग सभी ने इन सिक्कों से खरीदारी की होगी। काश, लौट आए वो दिन।

 

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23. प्राईम टाईम टीवी का मतलब, श्रीमान-श्रीमती, शक्तिमान, ब्योमकेश बक्शी और देख भाई देख होता था। दिलरूबा जी याद हैं।

 


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24. कैडबरी का यह चॉकलेट याद है?

 

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25. नकली सिगरेट फूंकने का भी अपने आप में एक अलग आनन्द था।

 

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26. और ये फैन्सी ड्रेस कम्पीटिशन।

 

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27. ओनिडा टीवी का एड। पड़ोसी जलेंगे।

 

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28. ढेर सारा होमवर्क। तो क्या हुआ?

 

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29. वे टीवी के एड। हमारा बजाज, रेमन्ड्स, धारा और कैडबरी के विज्ञापन।

 

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30. ताजा रीलिज हुई फिल्म देखना भी एक बड़ी बात थी।

 

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31. कपड़़ों का नया फैशन।

 

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32. रात के 10 बजे तक जागने का मतलब था बेहद लेट।

 

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33. आपमें से सभी ने इस टेप का मजा लिया होगा? जब तक मर्जी बजाओ और जब मन भर जाए तो इसमें पेन्सिल लगाकर घुमाओ।

 

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34. आप इन लोगों को जरूर पहचानते होंगे।

 

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35. विदेशों में रहने वाले रिश्तेदार से मिलना बड़ी बात थी।

 

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36. बाली ब्रह्मभट्ट, आलिशा चिनॉय, बाबा सहगल, सुखबीर, बाली सागू, लकी अलगी और अनामिका। इन लोगों को तो आप जानते ही होंगे?

 

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36. मेरी आवाज सुनो में सुनिधि चौहान का भाग लेना। लगता है जैसे कल की ही बात हो।

 

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37. इसके बिना स्कूल लाईफ अधूरी थी।

 

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38. बिजली जाने के बाद इलेक्ट्रिक ऑफिस फोन करना हमारा पहला काम होता था।

 

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39. इसका मतलब था कि आपकी टीवी के साथ जरूर कोई खराबी है।

 

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40. लाईट वाले जूते। किसने-किसने पहने थे?

 

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41. कम्प्यूटर बड़ी बात थी। लेकिन यह नहीं पता था कि इस पर बहुत कुछ हो सकता है।

 

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42. रील वाले कैमरे। हे भगवान।

 

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43. और वो.. मिले सुर मेरा तुम्हारा..।

 

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