एसडीएम ने डूबते गांव को बचाने के लिए खुद उठाई बोरियां तो जागा ग्रामीणों का ज़मीर

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1:44 pm 30 Aug, 2016


उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के एसडीएम अरविंद कुमार ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए एक गांव को डूबने से बचा लिया।

बलिया के बैरिया तहसील के इलाके में गंगा-घाघरा के पानी ने तबाही मचा रखी थी। दिन रात हुई बारिश से यहां का रिंग बांध कमज़ोर पड़ने लगा और कटान होने से आसपास के गांव में बाढ़ की स्थिति बनने लगी। ऐसे में गांव वालों ने अपने हाथ खड़े कर दिए। स्थानीय लोग सबकुछ भगवान पर छोड़ कर बुरे वक़्त का इंतज़ार करने लगे। ऐसे में अचानक एसडीएम अरविंद कुमार गांव वालों के लिए ‘हनुमान’ साबित हुए।

एसडीएम ने जब देखा कि गांव वालों का साहस एकदम टूट चुका है, तो उन्होंने प्रशासन से जियो बैग(मिट्टी की बोरियां) मंगाई और सिर पर उठाकर चल पड़े। करीब दो घंटे तक एसडीएम ने खुद सिर पर बोरियां ढोई, तब गांव वाले भी उनका साथ देने के लिए आगे आए। धीरे-धीरे बांध की कटान रोकने में सफलता मिली। और इस तरह गांव को तबाही से बचा लिया गया।

तेज़ होते कटान के आगे मजबूर थे मजदूर

बताया गया है कि गांव वालों ने अपनी तरफ से गांव को बचाने की कोशिश की थी। इस कटान को रोकने के लिए मजदूर जियो बैग डालने में जुटे थे, लेकिन उफनते पानी के बहाव ने मजदूरों को डरा दिया। जब एसडीएम पहुंचे और उन्होंने काम शुरू किया, तब स्थानीय लोगों ने भी उनका साथ दिया।


गांव वालों ने कहा-साहब हम आपका अहसान कैसे चुकाएं

जब एसडीएम जाने लगे तो गांव वालों ने एकजुट होकर कहा कि साहब हम तो आपका अहसान नहीं चुका सकते। आप नहीं होते तो गांव डूब जाता। इस पर एसडीएम ने कहा कि-आप लोगों को केवल यह बताना था कि एकजुट होकर कोई प्रयास करने से हम अपने गांव की हर मुसीबत को टाल सकते हैं।

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