अब ब्रिटेन के टूटने का खतरा, अलग हो सकते हैं स्कॉटलैन्ड और आयरलैन्ड

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1:12 pm 25 Jun, 2016

ब्रिटेन के यूरोपियन यूनियन से अलग होने की घोषणा के बाद अब खुद ब्रिटेन के टूटने का खतरा पैदा हो गया है। स्कॉटलैन्ड और आयरलैन्ड की तरफ से इशारा किया गया है कि वे ब्रिटेन से अलग होने पर विचार कर रहे हैं।

शुक्रवार को ब्रिटेन में हुए जनमत संग्रह के नतीजों से न केवल पूरा यूरोप हिल गया है, बल्कि इसका असर विश्व अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। इसके नतीजे चौंकाने वाले आए हैं। 52 फीसदी ब्रिटिश मतदाताओं ने जहां यूरोपियन यूनियन छोड़ने के पक्ष में मतदान किया है, वहीं 48 फीसदी लोग इसमें बने रहना चाहते हैं।

ब्रिटेन में लंबे समय से यह दलील दी जा रही थी कि यूूरोपियन यूनियन में होने की वजह से आर्थिक नीतियों या विदेश नीति को लेकर यह देश आजादी से फैसले नहीं कर पा रहा है। इस वजह से यहां की प्रजातांत्रिक व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है।

अब यह कहा जा रहा है कि यूनियन से अलग होने की वजह से अलग-अलग मुद्दों पर ब्रिटेन खुद फैसला कर सकेगा।

पिछले चुनावों में डेविड कैमरन ने वादा किया था कि अगर वह प्रधानमंत्री बने तो वह इस मुद्दे पर जनमत संग्रह कराएंगे।

दोबारा जनमत संग्रह की मांग

ब्रिटेन में इस मुद्दे पर एक बार फिर जनमत संग्रह कराने की मांग उठ रही है। एक ऑनलाइन पेटिशन पर कुछ ही घंटे में 77 हजार लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं। इस पेटिशन के मुताबिक, नतीजों में सिर्फ चार फीसदी का फर्क है, इसलिए दोबारा जनमत संग्रह कराया जाना चाहिए।

स्कॉटलैन्ड शामिल होना चाहता है यूरोपियन यूनियन में

इस बीच, एक स्कॉटिश नेता ने कहा है कि स्कॉटलैन्ड की जनता यूरोपियन यूनियन के साथ रहना चाहती है। ब्रिटेन की स्कॉटलैंड नेशनल पार्टी (एसएनपी) की नेता निकोला स्टरजियोन ने कहा कि नतीजों से साफ है कि स्कॉटलैंड की जनता यूरोपियन यूनियन में अपना भविष्य देख रही है।

उन्होंने कहा कि यहां की सरकार स्कॉटलैन्ड की आजादी के लिए जनमत संग्रह का आयोजन करेगी। इस बीच, आयरलैन्ड भी ऐसा ही कुछ करना चाहता है।

और टूट सकता है यूरोपियन यूनियन

28 देशों के समूह यूरोपियन यूनियन का अस्तित्व खतरे में दिख रहा है। ब्रिटेन के बाहर निकलने के बाद अब फ्रांस, डेनमार्क, फिनलैंड, हंगरी जैसे दूसरे देश भी यूरोपियन यूनियन से बाहर निकल सकते हैं।

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