इन युवाओं के लिए डिग्रियों का कोई महत्व नहीं, अपनाया सन्यासी जीवन

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5:51 pm 11 May, 2016


मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ कुंभ में करीबन 3000 शिविर लगे हैं। सिंहस्थ के इस महाआयोजन में लगे साधु-संतों के शिविर भी देखने लायक हैं। कई संतों ने इसमें अपनी रचनात्मक सोच का भरपूर इस्तेमाल किया है। देवी-देवताओं की मूर्तियां लगाई गई हैं तो कहीं राष्ट्रभक्तों की प्रतिमाएं लगाकर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किये जा रहे हैं।

इन शिविरों के बीच एक शिविर ऐसा भी है जिसकी खासियत कुछ और ही है।

हम जिस शिविर की बात कर रहे है, वह दिव्य ज्योति जागृति संस्थान का है। इस शिविर को इसका विशाल वैभव नहीं, बल्कि इसके साधक और साध्वी ख़ास बनाते है।

इस शिविर से जुड़ा हर साधक आम होकर भी ख़ास है। अच्छी-खासी डिग्री और करियर को छोड़ संन्यास की राह पर चलने वाले इन युवाओं ने अपनी सुख-सुविधा का त्याग करते हुए, सन्यासी जीवन को अपनाया है।यहाँ कोई डॉक्टर, तो कोई इंजीनियर, किसी के पास एमबीए, और किसी के पास एम.टेक जैसी कई भारी भरकम डिग्रियां है।

1983 में समाधिस्थ आशुतोष महाराज द्वारा स्थापित इस संस्थान से अब तक लाखों युवा जुड़ चुके है। यह युवा अपना घर-बार, अच्छी नौकरी, सब कुछ छोड़कर समाज सेवा में लगे हैं

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आशुतोष महाराज intoday

यह संस्थान पशु संरक्षण, कन्या भ्रूण हत्या, विकलांग पुनर्वास, ध्यान, योग और चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में कार्यरत है।

इस संस्थान के साधक और साध्वियां संन्यासी जीवन व्यतीत करते हुए, युवाओं को सनातन धर्म, समाज सेवा आदि से जोड़ रहे हैं।


संस्थान से 1995 में जुड़ी, कनाडा से साइकोलॉजी में स्नातक, साध्वी ओमप्रभा भारती बताती हैं कि इस संस्था से जुड़ने के पीछे का मकसद समाज को बेहतरी की ओर ले जाना है।

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साध्वी ओमप्रभा भारती dainikbhaskar

इसी कड़ी में दिल्ली की एम.बी.ए. पासआउट साध्वी रुचिका भारती का नाम भी आता है, जो इस संस्थान से 1996 में जुड़ी।

साध्वी रुचिका भारती बताती  हैं कि आशुतोष महाराज जी से मिलने के बाद उन्होंने जाना कि जिस परमात्मा और शान्ति की खोज में इंसान दरबदर भटकता रहता है, वह खुद हमारे भीतर ही वास करते हैं।

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साध्वी रुचिका भारती dainikbhaskar

2008 से संस्थान से जुड़ी दिल्ली की साध्वी मणिबाला भारती गणित में स्नातक हैं। साध्वी मणिबाला युवाओं के मध्य अध्यात्म का प्रचार-प्रसार कर, युवाओं को इसके प्रति प्रेरित करती हैं।

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साध्वी मणिबाला भारती dainikbhaskar

दिल्ली की ही रहने वाली साध्वी दीपा भारती बी.टेक. हैं, जो इस संस्थान से 2012 में जुड़ी। उन्होंने मानवाधिकार में डिप्लोमा और सामाजिक कार्य में भी पढ़ाई की हुई है।

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साध्वी दीपा भारती dainikbhaskar

इस संस्थान से जुड़े ऐसे कई नाम है जिनके पास ऊँची-ऊँची डिग्रियां है। लेकिन उन्होंने अलग राह चुनते हुए सन्यासी जीवन का आवाहन किया।  

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