इस पहाड़ी झील के आसपास पड़े हैं नर-कंकाल; कोई नहीं जानता क्यों?

author image
6:27 pm 11 Dec, 2015

उत्तरांचल के चमोली जिले में रूपकुंड एक बेहद खूबसूरत लेकिन रहस्यमयी हिम-झील है। समुद्रतल से लगभग 5029 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह झील बेहद खूबसूरत, शांत और सुरम्य है। हिमालय की वादियों में बसा यह स्थान अपनी स्वास्थ्यवर्धक जलवायु, दिव्य, अनूठे रहस्यमय स्वरूप और नयनाभिराम दृश्यों के लिए जाना जाता है।

कंकालों से पटी है यह झील

रूपकुंड झील सिर्फ अपने नयनाभिराम दृश्यों के लिए ही प्रसिद्ध नहीं है, बल्कि यहां मिले सैकड़ों कंकालों की वजह से भी चर्चा में है। यहां सिर्फ कंकाल ही नहीं, बल्कि विभिन्न उपकरण, कपड़े, गहनें, बर्तन, चप्पल एवं घोड़ों के अस्थि-पंजर आदि वस्तुएं भी मिली हैं।


रूपकुंड में कंकाल होने के पता चला था 50 के दशक में। भारतीय वन बिभाग के एक अधिकारी ने इसकी खोज की थी। दरअसल वन विभाग के अधिकारी यहां दुर्लभ पुष्पों की तलाश में गए थे, तभी एक रेन्जर झील के भीतर किसी चीज से टकराया। बाद में यहां कंकालों के ढेर मिले।

दावे-प्रतिदावे

रूपकुंड झील में मिले कंकालों दावे-प्रतिदावे किए गए हैं। कई विशेषज्ञ मानते हैं कि यहां यात्रियों का एक समूह बर्फीले तूफान या भूस्खलन में फंस गया था, जिससे उनकी मौत हो गई। जबकि कई विशेषज्ञ कहते हैं कि इन लोगों के समूह ने मोक्ष पाने के लिए सामूहिक आत्महत्या की थी।

हालांकि, कार्बन डेटिंग से यह स्पष्ट है कि यहां मरने वाले लोग स्थानीय नहीं, बल्कि बाहरी थे।

Discussions



TY News