पश्चिम बंगाल के कई जिले दंगे की चपेट में, जिहादी मचा रहे हैं तांडव

12:11 pm 16 Oct, 2016


पश्चिम बंगाल में मालदा, वीरभूम, उत्तर 24 परगना, नदिया, पश्चिम मिदनापुर, खड़गपुर सहित करीब 10 जिले सांप्रदायिक दंगों की चपेट में हैं। पिछले कई दिनों से जारी सांप्रदायिक हिंसा में 100 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है।

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि मालदा जिला के चांचल थाना क्षेत्र में स्थित चंद्रपाड़ा और कोलीग्राम जैसे गांवों पर करीब 10 हजार से अधिक मुस्लिम कट्टरपंथियों की उग्र भीड़ ने हमला कर दिया। दंगाइयों ने अल्पसंख्यक हिन्दुओं को बचाने के लिए आई पुलिस को भी निशाना बनाया, जिसमें दो पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

पश्चिम बंगाल पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक (कानून व्यवस्था) अनुज शर्मा ने गल्फ न्यूज से बात करते हुए इन वारदातों को छोटी-मोटी घटना करार दिया है। उन्होंने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और चिन्ता की बात नहीं है।

वहीं, प्रखर हिन्दू नेता तपन घोष ने ट्वीट किया हैः

तपन घोष का कहना है कि यहां के 30 से अधिक घरों में लूट-पाट की गई है और इन्हें पूरी तरह तहस-नहस कर दिया गया है। पूरे इलाके में धारा 144 लागू है। स्थिति पर नियंत्रण के लिए रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात किया गया है।

बताया गया है कि यहां विवाद की शुरूआत विजयादशमी के दिन आयोजित एक मेले से हुई थी। यहां मेला घूमने आई एक हिन्दू लड़की के साथ मुस्लिम युवक ने छेड़खानी की। जब हिन्दुओं ने इसका विरोध किया तो मुस्लिम समुदाय के लोगों ने तोड़फोड़ की और उत्पात मचाया। इसी क्रम में बमबारी और गोलीबारी की घटनाएं भी हुई। दंगाइयों ने महिलाओं को भी नहीं बख्शा और जमकर हमले किए गए। आरोप है कि पुलिस और प्रशासन यहां मूकदर्शक की भूमिका में है।

मालदा जिला दंगों के लिए कुख्यात रहा है। पिछले साल के अंत में यहां भड़की हिंसा में कई लोग घायल हो गए थे। समाचार लिखे जाने तक इलाके में तनाव का माहौल बरकरार है।

वहीं, दूसरी तरफ उत्तर 24 परगना के हाजीनगर में मोहर्रम के दिन भड़की हिंसा की वजह से अल्पसंख्यक हिन्दुओं में अब भी दहशत का माहौल है। रविवार की सुबह से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है।

बीरभूम जिले से भी हिंसा की खबरें मिल रही हैं। हिन्दुओं के संगठन हिन्दू संहति ने आरोप लगाया है कि बीरभूम जिले के कांकोरतला थानान्तर्गत बाबुईजर गांव में पहले तो मुस्लिम दंगाइयों ने हिन्दू परिवारों को निशाना बनाया और अब पुलिस उन्हें निशाना बना रही है।

इस बीच, खड़गपुर के अलग-अलग इलाकों से भी दंगों की खबरें आ रही हैं। हुगली जिले के चंदन नगर में हिंसा की बड़ी वारदातें हुई हैं।

लगातार हो रहे दंगे की घटनाओं पर तृणमूल कांग्रेस ने चुप्पी साध रखी है। वहीं, विपक्ष ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता सूर्यकान्त मिश्र ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार सांप्रदायिक हिंसा पर काबू करने में विफल रही है।

मिश्र ने कहा, वामदलों के 34 साल के शासन के दौरान सांप्रदायिक सद्भाव सुनिश्चित किया गया था, लेकिन तृणमूल कांग्रेस विफल रही है। सूर्यकान्त मिश्र ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ने दंगाई तत्वों को पार्टी में जगह दे रखी है।

भारतीय जनता पार्टी ने भी सांप्रदायिक हिंसा के मामले में राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है। भाजपा के राज्य सचिव सायन्तन बसु का आरोप है कि तृणमूल काग्रेस उन इलाकों में दंगे फैला रही है जहां भाजपा का वर्चस्व है। गौरतलब है कि खड़गपुर से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष विधायक चुने गए हैं।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी इस मामले में बड़े आंदोलन की धमकी दी है। संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी से इस मामले को लेकर मुलाकात की है।

प्रतिनिधिमंडल ने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर राज्य में कट्टरपंथ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है।

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