पराक्रमी रावण की वजह से थर-थर कांपता था त्रिलोक, कहा जाता है दशग्रीव भी

author image
3:27 pm 4 Mar, 2016


रावण का चित्रण एक खलनायक के रूप में हुआ है। रावण, एक ऐसा नाम है, जिसके प्रचंड बल से त्रिलोक थर-थर कांपता था। इसके इलावा भी रावण से जुड़े कई ऐसे रोचक रहस्य है, जिनके बारे में कम लोग ही जानते हैं।

हमें हमशा यही बताया गया है कि रावण ने सीता का हरण किया था, लेकिन ‘रामायण’ के जैन संस्करण के अनुसार, रावण सीता का पिता था।

तिब्बत की ‘किंरस-पुंस-पा’ रामकथा के अनुसार रावण ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए अपने दसों सिर अर्पित कर दिए थे। यही वजह है रावण को दशग्रीव भी कहा जाता है।

रावण शिक्षा को अधिक महत्व देता था। उसके लिए शिक्षा की गुणवत्ता अत्यधिक महत्वपूर्ण हुआ करती थी।

रावण एक श्रेष्ठ विद्वान था। विज्ञान और चिकित्सा के क्षेत्र में उसका ज्ञान अतुलनीय था।

रावण को परिधानों और आभूषणों की अच्छी समझ थी।

रावण को रुद्र वीणा (भारतीय शास्त्रीय वाद्य) का आविष्कारक भी माना जाता है।

दशानन रावण जातिवाद के खिलाफ था।

रावण एक श्रेष्ठ ज्योतिष भी था।

रावण के बारे में मान्यता है कि वह एक अच्छा भाई और आदर्श पति था। वैसे तो रावण की कई पत्नियां थी, लेकिन उसके जीवन में मंदोदरी का महत्वपूर्ण स्थान था।

रावण भगवान शिव का परम भक्त था, जो दिन-रात भगवान शिव की आराधना में लगा रहता था।

‘रामायण’ के कुछ संस्करणों में कहा गया है कि वानर सेना ने रावण की पत्नी मंदोदरी के साथ दुर्व्यवहार किया था, लेकिन रावण ने बिना किसी ‘अग्निपरीक्षा’ के मंदोदरी को स्वीकार किया था।

Discussions



TY News