‘ये पड़ोसी है कि मानता नहीं’: पाकिस्तान से लौटे राजनाथ ने संसद में बताई पूरी कहानी

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2:31 pm 5 Aug, 2016


पाकिस्तान को उसी की धरती पर दो टूक सुनाने के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पूरी कहानी संसद में बयान की। पूरी कहानी सुनने के बाद पूरे सदन ने उनकी प्रशंसा की और शाबासी दी।

गृहमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान में हुए सार्क सम्मेलन में उन्होंने सदस्य देशों के सामने आतंकवाद को लेकर कई बातें रखी।

राजनाथ ने कहा कि सार्क देशों के गृहमंत्रियों की बैठक में मैंने आतंकवाद के खिलाफ मुहिम चलाने की बात कही और कहा कि अच्छा और बुरा आतंकवाद नाम की कोई चीज नहीं होती। आतंकवाद एक चिंता का विषय है।

पाकिस्तान के वाकए की जानकारी देते हुए गृह मंत्री ने कहा कि मैनें सम्मेलन में कहा कि सार्क देशों में आतंकवादियों के प्रत्यर्पण के लिए कड़े नियम बनाए जाने चाहिए। साथ ही इस बात पर भी जोर दिया कि आतंकवादियों के खिलाफ ही नहीं, बल्कि आतंकवाद को समर्थन देने वाले देशों और लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई करने की आवश्यकता है।

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को लेकर राज्यसभा में कहा कि ”ये पडोसी है कि मानता ही नहीं”। राजनाथ ने कहा, “मैंने सार्क सम्मेलन में कहा कि आतंकी शहीद नहीं हो सकता। आतंक को बढ़ावा देने वालों पर कार्रवाई हो।”

गौरतलब है कि गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को इस्लामाबाद में सार्क देशों के गृह मंत्री की बैठक में आतंक को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाई। यही वजह है कि पाकिस्तान राजनाथ सिंह के साथ बेरुखी के साथ पेश आया।

राजनाथ के इस बयान की कांग्रेस लेकर अन्य दलों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हमने सबसे अधिक आतंकवाद का दंश झेला है। कांग्रेस के दो प्रधानमंत्री इस आतंकवाद की भेंट चढ चुके हैं।

आजाद ने राजनाथ के दौरे के दौरान मीडिया ब्लैक आउट के लिए भी पाकिस्तान की निन्दा की। उन्होंने कहा कि चाहे देश के अंदर कितने भी मतभेद हो लेकिन हमारे देश के मंत्री को पर्याप्त सम्मान नहीं मिलने की हम घोर निंदा करते हैं।

दूसरी तरफ, सपा नेता रामगोपाल यादव व जदयू नेता शरद यादव ने पाकिस्तान द्वारा प्रोटोकॉल का पालन न किए जाने की निन्दा की। उन्होंने राजनाथ सिंह द्वारा पाकिस्तान को दिए गए जवाब की सराहना की।

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