पृथ्वी-2 मिसाइल का सफल परीक्षण, आपात स्थिति का मुकाबला करने में सक्षम

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5:51 pm 18 May, 2016


भारत ने देश में विकसित और परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम पृथ्वी-2 मिसाइल का कामयाब परीक्षण किया।

सतह से सतह पर मार करने में सक्षम इस मिसाइल का परीक्षण ओडिशा में चांदीपुर टेस्ट फायरिंग रेंज में किया गया। यह परीक्षण सेना की ओर से वैज्ञानिकों की मौजूदगी में किया गया। पृथ्वी 2 का पिछला सफल परीक्षण 16 फरवरी 2016 को इसी रेंज से आयोजित किया गया था।

इस तरह के परीक्षण इस बात का साफ़ संकेत देते है कि भारत किसी भी आपात स्थिति का मुकाबला करने के लिए पूर्णरूप से सक्षम है।

देश में निर्मित यह मिसाइल न्यूक्लियर हथियारों के साथ 350 किलोमीटर तक दुश्मन पर वार कर सकती है।

भारतीय सशस्त्र बल में वर्ष 2003 में शामिल की गई पृथ्वी 2 मिसाइल पहली ऐसी मिसाइल है जिसे एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम (DRDO) ने भारत के प्रतिष्ठित इन्टग्रेटिड गाइडिड मिसाइल डिवलपमेंट प्रोग्राम (IGMDP) के तहत विकसित किया गया है।

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विशेष रूप से, पृथ्वी भारत की पहली स्वदेश निर्मित बैलिस्टिक मिसाइल है।

बैलिस्टिक मिसाइल 500 से 1000 किलो वजनी न्यूक्लियर हथियार से दुश्मन के ठिकानों पर हमला करने में निपुण है। अग्नि के बाद पृथ्वी मिसाइल भारत की प्रमुख बैलिस्टिक मिसाइल है।

दो इंजन वाली पृथ्वी-2 मिसाइल की लम्बाई 8.56 मीटर, चौड़ाई 1.1 मीटर और वजन 4600 किलो है। इसमें दुश्मन की मिसाइलों को चकमा देने की क्षमता है।

भारत के लगातार मिसाइल परिक्षण से तिलमिलाया पाकिस्तान इस मुद्दे को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की बात कह रहा है। पाकिस्तान के विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज का कहना है कि लगातार मिसाइल टेस्ट से रीजन में पावर बैलेंस बिगड़ जाएगा।

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