अमेरिकी संसद में भी छाया मोदी का जादू, 72 बार बजी तालियां

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8:47 am 9 Jun, 2016


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है। अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र में प्रधानमंत्री मोदी के भाषण के दौरान कम से कम 72 बार तालियां बजीं। यही नहीं, अमेरिकी सांसदों ने उनके लिए 9 बार खड़े होकर तालियां बजाई। कुछ ऐसे मौके भी आए जब मोदी से अभिभूत अमेरिकी सांसदों ने ठहाके भी लगाए। जल्दी ही यह सोशल मीडिया पर ट्रेन्ड होने लगा।

मंच पर पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री ने कहाः

“अमेरिका वीरों का देश है। यह सदन लोकतंत्र का मंदिर है, जिसने दूसरे देशों में लोकतंत्र को मजबूत किया है। अमेरिकी संसद में अमेरिका के दिग्गज नेताओं के समक्ष बोलना सौभाग्य की बात है। मुझे यहां संबोधन का मौका देकर आपने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र और उसकी सवा सौ करोड़ जनता का सम्मान किया है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव आाम्बेडकर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने यहां के कोलंबिया विश्वविद्यालय में वर्षों समय बिताया और अपनी प्रतिभा को निखारा। इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी भारत और अमेरिका को ‘स्वाभाविक सहयोगी’ सहयोगी कहा था। महात्मा गांधी के अहिंसा के संदेश ने मार्टिन लूथर किंग को प्रभावित किया।

मोदी के इतना कहते ही अमेरिकी सांसद खड़े हो गए और हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

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लोकतंत्र के धागे से जुड़े हैं भारत और अमेरिका

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और अमेरिका का इतिहास भले ही अलग हो, लेकिन ये दोनों देश लोकतंत्र के धागे से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि एक लोकतंत्र से दूसरे लोकतंत्र को ताकत मिलती है। भारत एक है और इसकी एक ही पवित्र किताब है वह है हमारा संविधान।

मुंबई हमलों के बाद समर्थन के लिए धन्यवाद

प्रधानमंत्री मोदी ने मुंबई हमले के दौरान भारत के लिए जरूरी समय में मदद का हाथ बढ़ाने के लिए अमेरिका को धन्यवाद दिया। मोदी ने कहा कि भारत मानवता की सेवा में इस भूमि की महिलाओं और पुरुषों के महान बलिदान की सराहना करता है।

बिना नाम लिए मोदी का पाकिस्तान पर हमला

अमेरिकी संसद के अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी पाकिस्तान पर हमला करने से नहीं चूके। उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि दुनिया से आतंकवाद का खात्मा हर हाल में जरूरी है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद का गढ़ भारत के विरोध में है। आतंकवाद को धर्म से अलग करना होगा। उन्होंने कहा कि भारत की पश्चिमी सीमा से अफ्रीका तक आंतकवाद के कई नाम हैं। आतंकवाद कहीं लश्कर तो कहीं इस्लामिक स्टेट के नाम से पल रहा है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अमेरिकी संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करने वाले भारत के पांचवें प्रधानमंत्री हैं।

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